xi jinping draws red line to donald trump says america should stay away on taiwan डोनाल्ड ट्रंप को बीजिंग में बिठाकर जिनपिंग ने खूब सुनाया, खींच दी ताइवान वाली रेड लाइन, International Hindi News - Hindustan
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डोनाल्ड ट्रंप को बीजिंग में बिठाकर जिनपिंग ने खूब सुनाया, खींच दी ताइवान वाली रेड लाइन

शी जिनपिंग ने कहा कि यदि अमेरिका और चीन के बीच रिश्ते सामान्य रखने हैं तो फिर ताइवान रेड लाइन है। उन्होंने ट्रंप से कहा कि ताइवान के मामले से यदि अमेरिका दूर रहेगा, तभी रिश्ते सही रह सकेंगे। उन्होंने कहा कि ताइवान के मसले पर किसी भी तरह की चूक अमेरिका ने की तो वह संबंधों पर भारी पड़ सकती है।

Thu, 14 May 2026 10:56 AMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, बीजिंग
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डोनाल्ड ट्रंप को बीजिंग में बिठाकर जिनपिंग ने खूब सुनाया, खींच दी ताइवान वाली रेड लाइन

डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दो घंटे वार्ता हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह चीन दौरा बेहद अहम है, जो ट्रेड वार और ईरान में चल रही जंग के बीच हो रहा है। चीनी मीडिया का कहना है कि इस मीटिंग में शी जिनपिंग रेड लाइन खींच दी। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका और चीन के बीच रिश्ते सामान्य रखने हैं तो फिर ताइवान रेड लाइन है। उन्होंने ट्रंप से कहा कि ताइवान के मामले से यदि अमेरिका दूर रहेगा, तभी रिश्ते सही रह सकेंगे। उन्होंने कहा कि ताइवान के मसले पर किसी भी तरह की चूक अमेरिका ने की तो वह संबंधों पर भारी पड़ सकती है। जिनपिंग ने कहा कि ताइवान की खाड़ी के आसपास माहौल शांतिपूर्ण रहना चाहिए।

इस तरह चीन ने अमेरिका को स्पष्ट संकेत दे दिया कि यदि दोस्ती में उसकी शर्तें चलेंगी तो फिर वह भी अपनी कुछ बातें मनवाना चाहेगा। दो दिन के दौरे की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग को महान नेता और एक दोस्त करार दिया। इसके अलावा चीन के साथ अमेरिका के रिश्तों को बेहतर भविष्य के लिए जरूरी बताया। वहीं शी जिनपिंग के लहजे में बहुत ज्यादा गर्मजोशी नहीं दिखी। औपचारिक लहजे में ही बात करते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन को प्रतिद्वंद्वी की जगह साझेदार होना चाहिए। इसके साथ ही ताइवान का मसला भी उठा दिया।

चीनी मीडिया सीसीटीवी के अनुसार शी ने कहा कि चीन और अमेरिका के रिश्तों में ताइवान का सवाल सबसे अहम है। उन्होंने कहा, 'यदि ताइवान के मसले को सही से डील किया जाए तो सही रहेगा। इसमें कोई गलती की तो फिर संबंध खराब होंगे और विवाद की स्थिति बनेगी। यही नहीं इससे चीन और अमेरिका आमने-सामने की स्थिति में होंगे। यह सही नहीं रहेगा।' बता दें कि ताइवान को लंबे समय से अमेरिका समर्थन करता रहा है और चीन को इस पर आपत्ति है। चीन का कहना है कि हमारी वन चाइना पॉलिसी के तहत ताइवान अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच शांति बनी रहे, इसके लिए यह जरूरी है कि ताइवान के मसले पर दखल न दिया जाए।

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ताइवान पर हमले से कभी चीन ने नहीं किया इनकार

दरअसल ताइवान स्वायत्त प्रशासन में है। वह खुद को अलग देश मानता है, जिससे अमेरिका ने रिश्ते बनाकर रखे हैं। वहीं चीन का कहना है कि ताइवान भी हमारा ही हिस्सा है। उसने कभी ताइवान को सैन्य बल पर हथियाने की बात से भी इनकार नहीं किया है। कई बार ताइवान से लगते समुद्र तट पर चीनी सेना मॉक ड्रिल भी कर चुकी है। बड़ी संख्या में एयरक्राफ्ट भेजने से लेकर अन्य तमाम हथियारों की तैनाती उसने की है। बता दें कि ताइवान भले ही छोटा सा हिस्सा है, लेकिन उसकी अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत है।

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