छत्तीसगढ़: ताड़मेटला नक्सली हमले के 10 आरोपियों की रिहाई को हाईकोर्ट ने सही ठहराया
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2010 के ताड़मेटला नक्सली हमले मामले में निचली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।

बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2010 के ताड़मेटला नक्सली हमले मामले में सभी 10 आरोपियों को बरी किए जाने के निचली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। इस हमले में 76 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।
कोर्ट का निर्णय
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए कहा कि मामले में प्रत्यक्ष साक्ष्य का अभाव, जांच में प्रक्रियागत खामियां और आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त कानूनी सबूत मौजूद नहीं थे। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इतने बड़े नक्सली हमले में 75 सीआरपीएफ जवान और एक राज्य पुलिसकर्मी की मौत के बावजूद अभियोजन एजेंसियां असली हमलावरों की पहचान साबित नहीं कर सकीं। अदालत ने यह भी कहा कि मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी आरोपीयों की पहचान नहीं कर पाया। यह हमला छह अप्रैल 2010 को ताड़मेटला गांव के जंगलों में हुआ था, जो उस समय दंतेवाड़ा जिले में आता था और अब सुकमा जिले का हिस्सा है।
जांच में खामियां
हाईकोर्ट ने जांच में गंभीर कमियों पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार को भविष्य में बड़े और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच के लिए उच्च मानक अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही, जांच अधिकारियों के प्रशिक्षण और कानूनी प्रक्रियाओं के सख्त पालन पर भी जोर दिया।
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