नीट पेपर लीक मामलाः आरोपी शुभम खैरनार को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया
दिल्ली की एक अदालत ने रविवार को नीट पेपर लीक मामले में आरोपी शुभम खैरनार को छह जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। विशेष न्यायाधीश रुचि अग्रवाल की अदालत ने आरोपी की न्यायिक हिरासत संबंधी सीबीआई का अनुरोध स्वीकार कर लिया।

दिल्ली की एक अदालत ने रविवार को नीट पेपर लीक मामले में आरोपी शुभम खैरनार को छह जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। विशेष न्यायाधीश रुचि अग्रवाल की अदालत ने आरोपी की न्यायिक हिरासत संबंधी सीबीआई का अनुरोध स्वीकार कर लिया।
खैरनार ने प्रश्नपत्र बेचा था
इससे पहले अदालत ने 14 मई को कहा था कि आरोपियों के गोपनीय परीक्षा प्रश्नपत्र को पैसे के लिए लीक करने वाले संगठित गिरोह में संलिप्तता के संकेत मिलते हैं। इसके बाद खैरनार और चार अन्य को सात दिनों के लिए सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया था। सीबीआई ने अदालत से कहा था कि आरोपी से आगे की पूछताछ जरूरी है, ताकि उन सह-आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार किया जा सके, जिन्हें उसने (खैरनार) कथित तौर पर नीट-यूजी का प्रश्नपत्र बेचा था। इस पर अदालत ने 20 मई को खैरनार की हिरासत पांच दिन के लिए बढ़ा दी थी।
साजिश और स्रोत का पता लगाना जरूरी
सीबीआई ने कहा था कि इस बड़ी साजिश व लीक हुए प्रश्न-पत्र के स्रोत का पता लगाना होगा। आरोपियों को महाराष्ट्र के नासिक सहित देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाना होगा। जांच एजेंसी के अनुसार खैरनार से उन स्थानों की पहचान के लिए भी पूछताछ की जानी थी, जहां कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर प्रश्नपत्र दिए गए थे। इस बीच अदालत से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पुणे की फिजिक्स प्रवक्ता मनीषा संजय हवलदार फिलहाल ट्रांजिट रिमांड में हैं। मनीषा को सोमवार को संबंधित अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। हवलदार को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था।
10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है सीबीआई
सूत्रों ने बताया कि मामले के पांच अन्य आरोपियों को भी 25 मई को सीबीआई हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई अब तक इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच दो दिन बाद रद्द कर दिया गया था। सरकार ने इस मामले में कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच करने का जिम्मा सीबीआई को सौंपा था।




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