गुरुग्राम में लापता हुई 11वीं की छात्रा; शमशान घाट के पास मिली लाश
गुरुग्राम के मोकलवास गांव से 11 फरवरी की रात रहस्यमयी ढंग से लापता हुई 11वीं की छात्रा नेहा का शव शनिवार को गांव के ही श्मशान घाट के पास स्थित एक जोहड़ (तालाब) में मिला।

गुरुग्राम के मोकलवास गांव से 11 फरवरी की रात रहस्यमयी ढंग से लापता हुई 11वीं की छात्रा नेहा का शव शनिवार को गांव के ही श्मशान घाट के पास स्थित एक जोहड़ (तालाब) में मिला। नेहा ने घर से जाने से पहले अपनी डायरी में एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिससे उसकी लोकेशन का सुराग मिला।
पुलिस की जांच में छात्रा के कमरे से एक डायरी मिली, जिसने इस गुत्थी को सुलझा दिया। नेहा ने डायरी में लिखा था मम्मी-पापा, मुझे माफ कर देना। मैं दादा जी के पास जा रही हूं। मुझे तलाश मत करना और अगर करना ही है तो श्मशान वाले जोहड़ में तलाश कर लेना। इन शब्दों को पढ़ते ही पुलिस और परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। गोताखोरों और मोटरों की मदद से जब जोहड़ का पानी कम किया गया, तो नेहा का शव कीचड़ में फंसा हुआ पुलिस को मिला।
मैत्री स्कूल में पढ़ने वाली नेहा पढ़ाई में काफी होनहार थी। उसके पिता कोर्ट की लाइब्रेरी में कार्यरत हैं। 11 फरवरी की रात वह पढ़ाई करने की बात कहकर अपने कमरे में गई थी, लेकिन सुबह वह वहां नहीं मिली। सीसीटीवी फुटेज में उसे स्कूल ड्रेस पहनकर अकेले जाते देखा गया था।
पुलिस और परिवार ने उसकी तलाश में रात-दिन एक कर दिया था, यहां तक कि परिवार ने सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की थी। पुलिस का कहना है कि मामले में पूछताछ की जा रही है।
तनाव में रहती थी छात्रा
पुलिस जांच में सामने आया है कि नेहा पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थी। उसके सहपाठियों ने बताया कि वह काफी उदास रहती थी और अक्सर कहती थी कि वह अब यहां नहीं रहना चाहती। हालांकि, तनाव की मुख्य वजह क्या थी, पुलिस अब इसकी जांच कर रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और फिर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस घटना के बाद पूरे मोकलवास गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस इस मामले में हर पहलू से तफ्तीश कर रही है कि आखिर एक होनहार छात्रा ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया।




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