दिल्ली में प्रदूषण संकट पर किरण बेदी का रेखा गुप्ता सरकार से एक सवाल; सलाह भी
दिल्ली में वायु प्रदूषण पर किरण बेदी ने भी चिंता जताई है। उन्होंने दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार से सवाल किया है कि क्या राजधानी पलूशन नियंत्रण रूम बनाया गया है?

Delhi Pollution: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर और सामाजिक कार्यकर्ता किरण बेदी ने दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार से सवाल किया है। बेदी ने ट्वीट के माध्यम से पूछा कि क्या राजधानी में पुलिस कंट्रोल रूम की तरह कोई प्रदूषण नियंत्रण रूम मौजूद है? जो प्रदूषण, नियम उल्लंघन और शिकायतों को रिसीव करे। अगर ऐसा नहीं है तो हमें इस पर तुरंत अमल करना चाहिए।
दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार चिंता पैदा कर रहा है। विशेष रूप से सर्दियों में औद्योगिक, वाहनों और ठोस ईंधन से निकलने वाला धुंआ शहर में वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। इन दिनों लगातार एक्यूआई रिकॉर्ड स्तर पर है। विजिबिलिटी बेहद कम है। दिल्ली पलूशन पर सोशल मीडिया से सामने आ रही तस्वीरें भी डराने वाली हैं। इस बीच किरण बेदी ने दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार से सवाल किए हैं।
किरण बेदी ने सोशल मीडिया पर अपने वीडियो मैसेज में दिल्ली सरकार से अनुरोध किया कि अगर राजधानी में प्रदूषण नियंत्र रूम नहीं है तो इसे तुरंत स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह राजधानी में पुलिस कंट्रोल रूम है, उसी तरह पलूशन कंट्रोल रूम के बारे में भी गंभीरता से विचार करना चाहिए, जिसमें राजधानी में निर्माण कार्य, गाड़ियों से या अन्य कारणों से हो रहे प्रदूषण की जानकारी मिल सके।
किरण बेदी ने सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि पलूशन कंट्रोल रूम से मिलने वाली सभी रिपोर्टें जिलाध्यक्ष, एमएलए और सांसद तक सीधे टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से भेजी जानी चाहिए, ताकि जनता की शिकायतें तुरंत संबंधित प्रतिनिधियों तक पहुंचे। बेदी ने ट्वीट में लिखा कि आखिरकार वोट देकर सत्ता में लाए गए प्रतिनिधि जनता के लिए जवाबदेह होते हैं, इसलिए हर रिपोर्ट को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से कार्रवाई के लिए भेजना चाहिए।
दिल्ली में नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नीति जारी
इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को कहा कि जीआरएपी (GRAP) के चौथे चरण के तहत प्रतिबंध समाप्त होने के बावजूद दिल्ली सरकार वाहनों के लिए ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नीति को जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सरकार शहर भर में जल निकायों के पुनरुद्धार के लिए 100 करोड़ रुपये भी आवंटित करेगी।
सिरसा ने प्रेस वार्ता में कहा था कि निरीक्षण में कई पीयूसी केंद्रों की कार्यक्षमता में कमी पाई गई और 12 केंद्रों के उपकरणों में खामियां मिलीं। इन केंद्रों की सेवा निलंबित कर दी गई है और नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, चार नए वाहन उत्सर्जन परीक्षण केंद्रों को भी मंजूरी दी गई है।




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