हवाई यात्रा अब लग्जरी नहीं, जरूरत; केजरीवाल की मोदी सरकार से अपील- ‘किराए पर लगाम लगाने की मांग’
पूर्व सीएम ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा- हवाई यात्रा अब कोई लग्जरी नहीं रह गया है, यह मिडिल क्लास की जरूरत बन गया है। इसके बाद मोदी सरकार से हवाई टिकट को रेगुलेट करने की मांग की।

आप संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने एनडीए सरकार के उस फैसले पर निशाना साधा है, जिसमें इंडिगो की फ्लाइट्स में बड़े पैमाने पर रुकावटों के बाद पिछले साल दिसंबर में डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए हवाई किराए की लिमिट हटा दी गई थी। पूर्व सीएम ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा- "हवाई यात्रा अब कोई लग्जरी नहीं रह गया है, यह मिडिल क्लास की जरूरत बन गया है।" इसके बाद मोदी सरकार से हवाई टिकट को रेगुलेट करने की मांग की।
केजरीवाल की मोदी सरकार से खास अपील
पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक्स ट्वीट में चिंता जताते हुए लिखा- "हवाई किराया मिडिल क्लास की पहुंच से तेजी से बाहर होते जा रहे हैं। मोदी सरकार हवाई किराए पर लगी कैप हटा रही है, जिससे टिकट की कीमतों में भारी महंगाई हो सकती है।" इसके बाद मोदी सरकार से अपील करते हुए लिखा- “सरकार को हवाई किराए को और अच्छे से रेगुलेट करने के लिए काम करना चाहिए। हवाई यात्रा अब कोई लग्जरी नहीं, बल्कि मिडिल क्लास के लिए एक जरूरत है।”
केजरीवाल के ट्वीट पर लोगों ने क्या कहा
केजरीवाल के इस ट्वीट पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रियाएं दीं। कृष्ण आनंद नामक यूजर ने लिखा- मुझे केजरीवाल पसंद नहीं हैं, लेकिन BJP सरकार कितनी घमंडी और आलसी हो गई है, इसे देखते हुए उन्हें सीरियस रखने के लिए इनकी बहुत जरूरत है। सन्नी कुमार नामक यूजर ने लिखा- हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले तेल की कीमत 80% बढ़ गई है। अगर सरकार ने यह कदम नहीं उठाया होता, तो सभी एयरलाइनों को भारी नुकसान के कारण बंद करना पड़ता। वहीं मृगेश सिंह ने केजरीवाल पर तंज कसते हुए एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वो चार्टडे प्लेन में बैठे दिखते हैं। उसके कैप्शन में लिखा- कोई नहीं आम जनता चार्टर्ड प्लेन ले लेगी।
हवाई किराए पर लगाई कैप हटाई गई
आपको बताते चलें कि नागर विमानन मंत्रालय ने घरेलू हवाई किराए पर लगाई गई अस्थाई सीमा को वापस लेने का फैसला किया है। पिछले साल इंडिगो (IndiGo) एयरलाइंस के संकट के बाद टिकटों की आसमान छूती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने यह पाबंदी लगाई थी। हालांकि एयरलाइंस कंपनियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे जिम्मेदारी से किराए तय करें और यात्रियों के हितों का ध्यान रखें।




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