गाजियाबाद का डॉ. रोहित निकला कानपुर किडनी कांड का सरगना, 100 करोड़ के साम्राज्य का दावा
कानपुर किडनी कांड में शामिल डॉ. रोहित गाजियाबाद के न्यायखंड-1 इंद्रापुरम का रहने वाला निकला है। डॉ. रोहित एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट बताया गया है। वह मरीजों को बेहोश करता था, जबकि ओटी मैनेजर अली किडनी ट्रांसप्लांट करता था।

कानपुर किडनी कांड में शामिल डॉ. रोहित गाजियाबाद के न्यायखंड-1 इंद्रापुरम का रहने वाला निकला है। डॉ. रोहित एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट बताया गया है। वह मरीजों को बेहोश करता था, जबकि ओटी मैनेजर अली किडनी ट्रांसप्लांट करता था। किडनी गैंग चलाने वाला डॉ. रोहित पिछले चार दिनों से पुलिस के लिए अबूझ पहेली बना हुआ था। पुलिस टीम लगातार उसकी पहचान में जुटी थी। शुक्रवार को पुलिस के हाथ उसका आधार कार्ड लग गया। पुलिस की जांच में सामने आया कि एनेस्थीसिया का स्पेशलिस्ट डॉ. रोहित लखनऊ नहीं गाजियाबाद में रहता है। गाजियाबाद, नोएडा में उसका बड़ा नेटवर्क है।
पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा, लेकिन मिला नहीं। मोबाइल स्विच ऑफ होने से उसकी लोकेशन भी नहीं मिल रही। पुलिस का दावा है कि रोहित इससे अब तक 100 करोड़ से ज्यादा रुपये कमा चुका है। पुलिस को रोहित की टीम के दो लोगों के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग मिली है, जिसके आधार पर पुलिस यह दावा कर रही है।
इस तरह से मिला रोहित का आधार
रोहित ने लखनऊ की एक ट्रैवल एजेंसी से ओटी मैनेजर मुदस्सर अली सिद्दीकी, राजेश कुमार और कुलदीप सिंह राघव का इंडिगो फ्लाइट का टिकट बुक कराया था। पुलिस को इस बुकिंग की जानकारी मिली, जिसके बाद यहीं से पुलिस को उसका आधार मिला। आधार में दर्ज पते से पुलिस उसके इंद्रापुरम स्थित घर पहुंची।
एजेंट शिवम की तरह साहिल भी चलाता है नेटवर्क, 20 लाख ठगे
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिवम अग्रवाल की तरह ही साहिल नाम का एक और व्यक्ति है जो किडनी का रैकेट चला रहा है। जांच में सामने आया है कि साहिल भी डॉ. रोहित के लिए ही काम करता है। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक एक महिला को किडनी की जरूरत पर साहिल ने उससे कहा कि डॉ. रोहित 40 लाख रुपये लेता है। वह 20 लाख रुपये में किडनी ट्रांसप्लांट करा देगा। इसके बाद वह 20 लाख लेकर फरार हो गया। साहिल की तलाश की जा रही है।
पकड़े गए आरोपियों को जेल भेजा
किडनी कांड में गुरुवार को गिरफ्तार किए गए गाजियाबाद के ओटी मैनेजर राजेश कुमार और ओटी असिस्टेंट कुलदीप सिंह राघव को जेल भेज दिया गया है। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि अली किडनी निकालता और लगाता था। 28 मार्च की रात केशवपुरम के आहूजा अस्पताल में ऑपरेशन के बाद अली, राजेश कुमार और कुलदीप तीनों एक कार से गाजियाबाद गए थे। पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है।




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