Justice Swarna Kanta sharma fix Rajya Sabha Seat AAP Leader Erupts After order in kejriwal case राज्यसभा की सीट पक्की कर ली; जस्टिस स्वर्ण कांता ने दिया झटका तो बिफरे AAP नेता, Ncr Hindi News - Hindustan
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राज्यसभा की सीट पक्की कर ली; जस्टिस स्वर्ण कांता ने दिया झटका तो बिफरे AAP नेता

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा द्वारा केजरीवाल को झटका देने से आप नेता बिफरे हुए हैं। द्वारका से पूर्व विधायक विनय मिश्रा ने जज पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इस फैसले से राज्यसभा की सीट पक्की कर ली है।

Tue, 21 April 2026 02:33 PMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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राज्यसभा की सीट पक्की कर ली; जस्टिस स्वर्ण कांता ने दिया झटका तो बिफरे AAP नेता

Justice Swarna Kanta Sharma: दिल्ली हाई कोर्ट की जज स्वर्ण कांता शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका को खारिज करते हुए शराब नीति मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने से इनकार कर दिया। हाई कोर्ट के फैसले से आम आदमी पार्टी के नेता बिफरे हुए हैं। द्वारका से पूर्व विधायक विनय मिश्रा ने जज स्वर्ण कांता शर्मा को बायज्ड कहते हुए यहां तक कह डाला कि उन्होंने इस फैसले से राज्यसभा में अपनी सीट पक्की कर ली है।

इससे पहले सोमवार को हाई कोर्ट जज स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने केजरीवाल की दलीलों को खारिज करते हुए आप सुप्रीमो को तगड़ा झटका दिया। जस्टिस शर्मा ने टिप्पणी की कि वादी के आरोप साबित नहीं होते हैं और न ही वादी हाई कोर्ट जज को आदेश दे सकता है। यह सिर्फ ऊपरी बेंच यानी सुप्रीम कोर्ट कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान केजरीवाल खुद वकील बने थे और जज पर आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने समेत कई गंभीर आरोप लगाए। जस्टिस शर्मा ने एक-एक करके केजरीवाल के सभी आरोपों का जवाब दिया।

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फैसले से आप नेता बिफरे

हाई कोर्ट जज शर्मा द्वारा केजरीवाल से जुड़े केस पर झटका मिलने से आप नेता बिफरे हुए हैं। विनय मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में जज स्वर्ण कांता शर्मा के कुछ पुरानी तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “जज साहिबा बार-बार एक राजनीतिक संगठन के कार्यक्रम में शामिल होती हैं। सिर्फ शामिल ही नहीं, बल्कि पुरस्कार अपने हाथों ग्रहण भी करती हैं। जब विरोधी विचारधारा के नेता सवाल उठाते हैं, तो उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ाती हैं। राज्यसभा की सीट तो मानो पक्की ही है। अद्भुत… सच में अद्भुत। आखिर और क्या चाहिए? तस्वीर में चेहरा पहचानिए।”

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नरेश बलियान केस से खुद को अलग क्यों किया?

विनय मिश्रा ने आगे लिखा, “रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अपने लिए राज्यसभा की सीट भी सुनिश्चित कर ली। खैर, अगर ऐसा है, तो सुबह ही नरेश बलियान के मामले में जज ने खुद को सुनवाई से अलग क्यों कर लिया? दरअसल, यह सब एक सुनियोजित था।”

केजरीवाल की जज शर्मा की अदालत में क्या दलीलें

केजरीवाल ने सीबीआई की उस याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति शर्मा द्वारा किए जाने पर कई आपत्तियां उठाई थीं, जिसमें आबकारी नीति मामले में उन्हें आरोपमुक्त करने को चुनौती दी गई है। उन्होंने कहा था कि न्यायमूर्ति शर्मा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर उन्हें राहत देने से पहले इनकार कर चुकी हैं और उन्होंने मनीष सिसोदिया एवं के. कविता सहित अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी उन्हें राहत नहीं दी थी।

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जज शर्मा पर निजी हमले

उन्होंने यह भी दावा किया था कि न्यायमूर्ति शर्मा ने ''कड़े और निर्णायक'' निष्कर्ष दिए थे। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने ''हितों के सीधे टकराव'' का भी आरोप लगाया और दावा किया कि न्यायमूर्ति शर्मा के बच्चे केंद्र सरकार के पैनल में शामिल वकील हैं जिन्हें सॉलिसिटर जनरल के माध्यम से काम मिलता है और इस मामले में सॉलिसिटर जनरल सीबीआई की ओर से पेश हो रहे हैं।

केजरीवाल के अलावा आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने भी न्यायाधीश के सुनवाई से अलग होने का अनुरोध करते हुए याचिकाएं दायर की थीं। विजय नायर और अरुण रामचंद्र पिल्लई समेत अन्य प्रतिवादियों ने भी न्यायमूर्ति शर्मा से सुनवाई से स्वयं को अलग करने का अनुरोध किया है।

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