केजरीवाल की जारी रहेगी राहत या बढ़ेगी आफत? जज स्वर्ण कांता शर्मा के बाद अब मनोज जैन करेंगे सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट में मंगलवार को शराब नीति घोटाला मामले में सीबीआई की याचिका पर सुनवाई होगी। इस मामले की सुनवाई अब जस्टिस मनोज जैन की बेंच के समक्ष होगी। इससे पहले जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा इस मामले को सुन रही थीं।

दिल्ली हाईकोर्ट आज सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और 21 अन्य को शराब नीति मामले में आरोपमुक्त किए जाने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है। इसके साथ-साथ उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना मामले में भी सुनवाई होगी।
सीबीआई की याचिका जस्टिस मनोज जैन की बेंच के समक्ष सूचीबद्ध है, जबकि अवमानना मामले की सुनवाई जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेजा की बेंच द्वारा की जानी है।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने 14 मई को केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक, संजय सिंह एवं सौरभ भारद्वाज सहित आप के अन्य नेताओं के खिलाफ शराब नीति मामले के संबंध में उनके खिलाफ ‘अपमानजनक’ सोशल मीडिया पोस्ट करने के लिए आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू की थी।
जस्टिस शर्मा ने कहा कि दिल्ली के पूर्व सीएम ने कानूनी उपायों का सहारा लेने के बजाय सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बदनाम करने का एक सुनियोजित अभियान चलाया और स्पष्ट किया कि सभी आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर अब दूसरी बेंच सुनवाई करेगी।
निचली अदालत ने 27 फरवरी को शराब नीति मामले में केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को आरोपमुक्त करते हुए कहा था कि यह मामला न्यायिक जांच की कसौटी पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता और पूरी तरह से निराधार साबित हो चुका है।
जस्टिस शर्मा द्वारा 20 अप्रैल को मामले से खुद को अलग करने की उनकी याचिकाओं को खारिज करने के बाद, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने जस्टिस शर्मा को एक पत्र लिखकर कहा था कि वह व्यक्तिगत रूप से या किसी वकील के माध्यम से उनके समक्ष पेश नहीं होंगे और ‘महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग’ का अनुसरण करेंगे।
केस दूसरी बेंच को सौंपे जाने पर केजरीवाल ने बताया था सच्चाई की जीत
बता दें कि, दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा शराब नीति मामले की सुनवाई किसी दूसरी बेंच को सौंपे जाने पर आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने खुशी जताते हुए इसे सच्चाई और महात्मा गांधी के सत्याग्रह की जीत बताया था। केजरीवाल की यह टिप्पणी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह मामले की सुनवाई से खुद को अलग नहीं कर रही हैं, लेकिन अब यह मामला किसी अन्य बेंच के समक्ष रखा जाएगा।
हालांकि, जस्टिस शर्मा ने बीते गुरुवार को 'आप' के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और अन्य के खिलाफ शराब नीति मामले के संबंध में उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर 'अपमानजनक' पोस्ट करने के लिए आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी। जस्टिस शर्मा ने कहा था कि वह मामले की सुनवाई से खुद को अलग नहीं कर रही हैं, बल्कि अवमानना कार्यवाही शुरू होने के कारण इस मामले को दूसरी बेंच को सौंपा जा रहा है।




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