ABVP के 8 सदस्यों पर JNU प्रशासन ने लगाया जुर्माना, जानिए क्या है मामला
यूनविर्सिटी प्रशासन द्वारा 9 जनवरी को जारी एक आदेश के अनुसार, 2024 में स्कूल ऑफ लैंग्वेज में छात्र संघ चुनावों के संबंध में आयोजित गवर्निंग बॉडी मीटिंग के दौरान छात्र अनुशासनहीनता करते पाए गए थे।

जेएनयू ने कथित तौर पर हिंसा में शामिल एबीवीपी के आठ सदस्यों पर करीब डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। हर सदस्य को 19 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। एबीवीपी के सदस्यों पर ये जुर्माना साल 2024 में कथित तौर पर हिंसा में शामिल होने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के वजह से लगाया गया है।
यूनविर्सिटी प्रशासन द्वारा 9 जनवरी को जारी एक आदेश के अनुसार, 2024 में स्कूल ऑफ लैंग्वेज में छात्र संघ चुनावों के संबंध में आयोजित गवर्निंग बॉडी मीटिंग के दौरान छात्र अनुशासनहीनता करते पाए गए थे। आदेश में कहा गया है कि छात्रों का आचरण यूनविर्सिटी के मानदंडों का उल्लंघन था।
एबीवीपी ने आदेश को बताया भेदभावपूर्ण
आदेश में कहा गया है कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई यूनिवर्सिटी के नियमों के मुताबिक की गई है। छात्रों को आदेश जारी होने के 10 दिनों के अंदर जुर्माना भरने को कहा गया है। एबीवीपी ने इसे भेदभावपूर्ण करार दिया है और कहा है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन एबीवीपी के सदस्यों को टारगेट कर रहा है जबकि लेफ्ट समर्थित छात्रों को इस तरह के मामलों में किसी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ता।
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि साल 2024 में छात्र संघ चुनावों के संबंध में आयोजित गवर्निंग बॉडी मीटिंग की बैठक में एबीवीपी और लेफ्ट समर्थित छात्रों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। झड़प के वीडियो तब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हुए थे। वायरल वीडियो में छात्र एक-दूसरे पर डंडे बरसाते नजर आए तो कुछ छात्र लात-घूंसे बरसाते नजर आ रहे थे।
इस झड़प के बाद एबीवीपी और लेफ्ट समर्थित छात्रों ने एक-दूसरे पर हिंसा के आरोप लगाए थे। इस दौरान कई छात्र घायल भी हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए तब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तय किया था कि मामले की जांच होगी और जो भी हिंसा में शामिल होंगे उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।




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