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JNU राष्ट्रवादी संस्थान, यहां वंदे मातरम् गाया जाता है; मोदी-शाह के खिलाफ नारों से मचे विवाद के बीच VC

जेएनयू में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लगाए गए नारों को लेकर जारी विवाद के बीच कुलपति ने इसे देश का सबसे राष्ट्रवादी संस्थान बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थान में वंदे मातरम गाया जाता है। साथ ही पूछा कि ऐसा कौन सा अन्य विश्वविद्यालय करता है।

Thu, 8 Jan 2026 03:51 PMSubodh Kumar Mishra एएनआई, नई दिल्ली
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JNU राष्ट्रवादी संस्थान, यहां वंदे मातरम् गाया जाता है; मोदी-शाह के खिलाफ नारों से मचे विवाद के बीच VC

जेएनयू में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लगाए गए नारों को लेकर जारी विवाद के बीच कुलपति ने इसे देश का सबसे राष्ट्रवादी संस्थान बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थान में वंदे मातरम गाया जाता है। साथ ही पूछा कि ऐसा कौन सा अन्य विश्वविद्यालय करता है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित ने इसे देश का सबसे राष्ट्रवादी संस्थान बताया। उन्होंने एएनआई को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लगाए गए नारों को लेकर जारी विवाद सुलझ गया है। जेएनयू इस देश का सबसे राष्ट्रवादी विश्वविद्यालय है। हमने वंदे मातरम गाया। कोई विरोध नहीं है। मुझे बताइए कि आप किस अन्य संस्थान में पूरा वंदे मातरम गा सकते हैं।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा दुखद

उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा को दुखद बताया। इस बात पर जोर दिया कि उन्हें भारत में कानूनी रूप से आने वाले प्रवासियों से कोई आपत्ति नहीं है। पंडित ने आगे कहा कि भारत ने धार्मिक विभाजन का सामना किया है जो इतिहास के सबसे भीषण विभाजनों में से एक था। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में हत्याएं हुईं।

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1947 में हमारा धार्मिक विभाजन हुआ

पंडित ने कहा कि यह बहुत दुखद है और ये वही लोग हैं जो भारत आ रहे हैं। वे किस मानसिकता के साथ आ रहे हैं? मुझे उन कानूनी प्रवासियों से कोई आपत्ति नहीं है जो आकर हमारी संस्कृति को अपना सकते हैं। वे हमारी संस्कृति में घुलना-मिलना नहीं चाहते। वे बहुसंख्यक बनना चाहते हैं और हमें अल्पसंख्यक बनाना चाहते हैं। वे अपनी अलगाववादी विचारधारा को स्वीकार करना चाहते हैं। यह मुझे स्वीकार्य नहीं है क्योंकि यह वह देश नहीं है जिसे मैंने 1947 में चुना था।

वीसी ने कहा कि 1947 में हमारा धार्मिक विभाजन हुआ था। आप देख रहे हैं कि ट्रंप अवैध अप्रवासियों के साथ क्या कर रहे हैं। क्या हम भी वही कर रहे हैं? अगर एक समृद्ध देश ऐसा कर सकता है तो आप भारत की दुर्दशा की कल्पना कर सकते हैं।

मोदी-शाह मामले में थाने में शिकायत

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कहा कि जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी से वसंत कुंज थाने में एक शिकायत मिली है। इसमें विश्वविद्यालय परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी का जिक्र किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उचित कानूनी कार्रवाई तय करने के लिए शिकायत की समीक्षा की जा रही है।

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