जनकपुरी हादसा: 'मौत के गड्ढे' पर कोर्ट सख्त, दिल्ली पुलिस से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
जनकपुरी में 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर हुई कमल ध्यानी की मौत के मामले में द्वारका जिला अदालत ने दिल्ली पुलिस को 13 फरवरी तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

जनकपुरी में कमल की मौत के मामले में द्वारका जिला अदालत ने दिल्ली पुलिस को 13 फरवरी तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी रिपोर्ट मांगी
पांच फरवरी को 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से कमल ध्यानी की मौत हुई थी। अदालत ने घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की संख्या और कार्यशीलता की जानकारी भी मांगी है। न्यायिक मजिस्ट्रेट हरजोत सिंह औजला ने जांच अधिकारी और एसएचओ को 13 फरवरी तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
दो ठेकेदारों को अग्रिम जमानत मिली
अदालत ने दो ठेकेदारों हिमांशु गुप्ता और कविश गुप्ता को 18 फरवरी तक अग्रिम जमानत देते हुए दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है, जबकि डीजेबी के तीन अधिकारी निलंबित हैं। इस मामले में सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार को द्वारका अदालत से राहत नहीं मिली। न्यायिक मजिस्ट्रेट हरजोत सिंह औजला ने अदालत ने गिरफ्तारी की तिथि को लेकर उठे विवाद पर छह से आठ फरवरी के बीच थाने का सीसीटीवी फुटेज पेश करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
संसद में भी उठा मुद्दा
उधर, राज्यसभा में अशोक मित्तल ने हादसों पर संहिताबद्ध कानून और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग उठाई।
सुरक्षा में लापरवाही पर ठेकेदारों से पूछताछ
पुलिस ने ठेकेदारों से तीन घंटे पूछताछ की। जांच में सामने आया कि साइट पर बैरिकेड मौजूद थे, लेकिन लगाए नहीं गए। ठेकेदारों ने सुरक्षा की जिम्मेदारी सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति पर डाली, जबकि पुलिस उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं है। हादसे के बाद गड्ढा ढकने के निर्देश देने के आरोप में एफआईआर में साजिश व साक्ष्य मिटाने की धाराएं जोड़ी गईं। अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी। उधर, मृतक कमल के परिजनों ने न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।




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