नौकर राहुल मीणा का कर्ज चुकाते थे IRS अफसर, उसी ने बेटी को रेप कर मार डाला
दिल्ली में आईआरएस अफसर की बेटी से रेप और मर्डर मामले में पुलिस ने नए खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने अफसर के पड़ोसियों से भी कर्ज लिया था। जिसे अफसर ने ही चुकाया।

दिल्ली में आईआरएस अफसर की बेटी से रेप और मर्डर करने वाले नौकर राहुल मीणा को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। राहुल को डेढ़ महीना पहले अफसर ने उसकी बुरी आदतों के कारण नौकरी से निकाल दिया था। उसे ऑनलाइन गेमिंग की लत थी और इसी लत के चलते उसने बाकी नौकरों और यहां तक अफसर के पड़ोसियों से भी कर्ज लिया था। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि राहुल के पड़ोसियों से लिए कर्ज कई दफे अफसर ने चुकाए और उसी ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। राहुल ने घर पर वारदात को तब अंजाम दिया जब अफसर अपनी पत्नी संग जिम गए थे। अकेला पाकर उसने अफसर की 22 वर्षीय बेटी से हैवानियत की और फिर मोबाइल चार्जर से गला घोंटकर मार डाला। आरोपी राहुल मीणा को दिल्ली की अदालत ने चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
दिल्ली में अफसर के घर खौफनाक कांड को अंजाम देने वाले राहुल मीणा पर खुलासा हुआ है कि वह घर के लिए खरीदे जाने वाले सामान के दामों में हेराफेरी करता था। परिवार को जब इस बात का पता चला तो उसे काम से हटा दिया गया था। उसे घर की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी और वह जानता था कि पति-पत्नी रोज सुबह 6 से 6:30 बजे के बीच जिम के लिए निकलते हैं।
अपने पिता की तरह अफसर बनना चाहती थी
राहुल की हैवानियत का शिकार हुई पीड़िता के बारे में बताया जा रहा है कि वह अपने पिता की तरह ही एक बड़ी अफसर बनने का सपना देखती थी। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उसने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी और पिछले एक साल से पूरी तरह पढ़ाई में जुटी हुई थी। 24 मई को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा को देखते हुए वह ज्यादातर समय अपने कमरे में पढ़ाई करती रहती थी। उसके लिए घर की तीसरी मंजिल पर अलग से स्टडी रूम भी बनाया गया था, जहां वह घंटों तैयारी करती थी।
पीड़िता को तीसरी मंजिल से घसीटकर तिजोरी तक लाया
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल मीणा ने कथित तौर पर बेहोश 22 वर्षीय पीड़िता को छत पर स्थित स्टडी रूम से घसीटकर घर की निचली मंजिल पर तिजोरी तक ले गया। पूछताछ के दौरान, मीणा ने कबूल किया कि वह बेहोश अवस्था में पीड़िता को उस कमरे में ले गया जहां लॉकर रखा था और उसकी खून से सनी उंगली का इस्तेमाल करके उसे खोलने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि तिजोरी उंगलियों के निशान से नहीं खुली, संभवतः हाथ पर खून होने के कारण ऐसा हुआ होगा। जब लॉकर नहीं खुला तो उसने किसी भारी चीज से लड़की के सिर मारकर उसे गिरा दिया। इसके बाद रेप किया और मार डाला। वारदात को अंजाम देने के बाद राहुल ने घर में स्क्रूड्राइवर तलाशा और तिजोरी तोड़ी। फिर नगदी लेकर घर से फरार हो गया।
ऑनलाइन गेमिंग की लत और यौन विकृत मानसिकता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राहुल मीणा को ऑनलाइन गेमिंग की लत थी। इसी वजह से उस पर लाखों का कर्ज था। उसे चुकाने के लिए उसने लूट की योजना बनाई थी। राहुल गेमिंग की लत के कारण अलवर में अपने दोस्त के घर अक्सर जाया करता था और दोनों लूडो खेलते थे। राहुल ने दिल्ली में वारदात को अंजाम देने से एक दिन पहले उसी दोस्त की बीवी से रेप किया। जानकारी के अनुसार, वह तब घर में घुसा जब उसका दोस्त कहीं बाहर गया था। उसने दरवाजा खोलते ही महिला को गिरा दिया और रेप किया। इसके बाद उसने महिला का कत्ल करने की भी कोशिश की, लेकिन असफल रहा। इसके बाद वह दिल्ली आ धमका।
चोरी के मोबाइल से पकड़ा गया
पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास खुद का मोबाइल फोन नहीं था, जिससे उसे लगा कि वह पहचान से बच जाएगा। लेकिन जांच में सामने आया कि वह एक चोरी का मोबाइल इस्तेमाल कर रहा था, जिसे उसने पहले राजस्थान के अलवर में एक अन्य वारदात के दौरान हासिल किया था। इसी मोबाइल की गतिविधियों को ट्रैक कर पुलिस ने उसकी लोकेशन का डिजिटल ट्रेल तैयार किया।
होटल के वाई-फाई से मिली लोकेशन
जांच में यह भी पता चला कि वारदात के बाद आरोपी करीब 2.5 लाख रुपये लेकर द्वारका स्थित एक होटल में ठहरा था। वहां उसने होटल के वाई-फाई का इस्तेमाल किया। पुलिस ने इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR) के जरिए मोबाइल की इंटरनेट गतिविधियों का विश्लेषण किया, जिससे आरोपी की सटीक लोकेशन का पता चल गया। यह जांच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
इंस्टाग्राम चैट से बड़ा सुराग मिला
तीसरा अहम सुराग सोशल मीडिया से मिला। पुलिस ने पाया कि आरोपी होटल में छिपे रहने के दौरान गुरुग्राम में रहने वाले एक रिश्तेदार के संपर्क में इंस्टाग्राम मैसेंजर के जरिए था। पूछताछ में इस रिश्तेदार ने आरोपी की गतिविधियों और लोकेशन से जुड़ी अहम जानकारी दी। चैट रिकॉर्ड और तकनीकी विश्लेषण ने आरोपी तक पहुंचने में बड़ी भूमिका निभाई।
सीसीटीवी फुटेज से विजुअल सबूत
डिजिटल सबूतों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज ने भी जांच को मजबूत किया। फुटेज में आरोपी सुबह करीब 6:30 बजे कॉलोनी में दाखिल होता और 6:49 बजे घर पहुंचता दिखाई दिया। करीब 7:20 बजे वह बाहर निकलता दिखा। अंदर जाते समय और बाहर निकलते समय उसके कपड़े अलग थे और उसके पास एक बैकपैक भी था, जिससे घटना की टाइमलाइन स्पष्ट हुई।
अफसर के घर आठ महीना नौकरी की
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले पीड़िता के घर में करीब आठ महीने तक घरेलू सहायक के रूप में काम कर चुका था। करीब डेढ़ महीने पहले उसके व्यवहार को लेकर शिकायत के बाद उसे हटा दिया गया था। उसे घर की संरचना और दिनचर्या की पूरी जानकारी थी, जिसका उसने फायदा उठाया। बताया जा रहा है कि उसने एक अतिरिक्त चाबी के जरिए घर में प्रवेश किया।




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