जिंदगी से खुश नहीं; नोएडा में 17वीं मंजिल से गिरे नहीं कूदे थे इंडियन ऑयल के एग्जीक्युटिव डायरेक्टर!
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 55 वर्षीय अजय गर्ग दिल्ली में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत थे। वह कानपुर के रहने वाले थे। वह सेक्टर-104 स्थित एटीएस वन हमलेट सोसाइटी के फ्लैट में पत्नी मयूरी गर्ग के साथ रहते थे।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के एग्जीक्युटिव डायरेक्टर ने खुदकुशी की थी। पुलिस ने रविवार को सुसाइड नोट मिलने के बाद इसकी पुष्टि की। सुसाइड नोट न मिलने के कारण शनिवार को यह माना जा रहा था कि अधिकारी की मौत 17वीं मंजिल से गिरने से हुई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 55 वर्षीय अजय गर्ग दिल्ली में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत थे। वह कानपुर के रहने वाले थे। वह सेक्टर-104 स्थित एटीएस वन हमलेट सोसाइटी के फ्लैट में पत्नी मयूरी गर्ग के साथ रहते थे। शनिवार सुबह करीब सवा दस बजे वह बालकनी की तरफ गए। पांच मिनट बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में 17वीं मंजिल से नीचे गिर गए। सुरक्षाकर्मी गिरने की आवाज सुनकर पहुंचे तो अजय गर्ग लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े थे।
सोसाइटी के लोगों ने उनकी पत्नी और डॉयल-112 पर घटना की सूचना दी। कार्यकारी निदेशक को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अजय गर्ग के मुंबई में रहने वाले बेटे को पिता के मौत होने की जानकारी दी गई। वह वहीं पर नौकरी करता है। परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस हादसा और हत्या दोनों मामले की जांच कर रही थी, लेकिन सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस ने इस घटना को आत्महत्या माना।
सुसाइड नोट में खुश न होने की बात लिखी
पुलिस का दावा है कि मृतक के फ्लैट से आधे पेज का एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने लिखा है कि वह जिंदगी में आगे नहीं बढ़ना चाहते। उन्होंने मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। अधिकारी ने जीवन में खुश न होने की बात भी लिखी है। पुलिस का दावा है कि फ्लैट की बालकनी की तरफ अधिकारी जब जा रहा थे, तब उन्होंने पत्नी से मोबाइल में नेटवर्क न आने की बात कही थी।




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