Honey Trap Gang in Delhi Crime Branch Arrests Woman Extorted Money by Framing Victims in False Rape Cases 9 लोगों पर झूठे रेप केस कराए, साथी बन जाता था वकील, क्राइम ब्रांच ने हनीट्रैप में महिला समेत दो धरे, Ncr Hindi News - Hindustan
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9 लोगों पर झूठे रेप केस कराए, साथी बन जाता था वकील, क्राइम ब्रांच ने हनीट्रैप में महिला समेत दो धरे

क्राइम ब्रांच दिल्ली पुलिस ने हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए महिला और उसके साथ को अरेस्ट किया। ये झांसा देकर  लोगों को फंसाते थे। फिर झूठी एफआईआर दर्ज कर वसूली करते थे।

Thu, 26 March 2026 03:13 PMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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9 लोगों पर झूठे रेप केस कराए, साथी बन जाता था वकील, क्राइम ब्रांच ने हनीट्रैप में महिला समेत दो धरे

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने हनीट्रैप और करोड़ों की जबरन वसूली करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऐक्शन में पुलिस ने दरियागंज की 44 वर्षीय महिला और उसके सहयोगी यशदेव सिंह चौहान को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला कथित तौर पर लोगों को फंसाकर उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज कराती थी और बाद में पैसे की मांग करती थी। मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब रिटायर्ड आर्मी अफसर पर झूठा रेप केस कराया गया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।

रिटायर्ड आर्मी अफसर को बनाया शिकार

पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला ने एक रिटायर्ड आर्मी कैप्टन से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया। उसने खुद को प्रोफेशनल सर्विस देने वाली बताकर उनके उपन्यास के प्रमोशन का झांसा दिया। बाद में पैसों का लेन-देन हुआ और फिर विवाद खड़ा कर दिया गया। इसके बाद महिला ने उसी व्यक्ति के खिलाफ 2021 में मेहरौली थाने में दुष्कर्म और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया। हालांकि, यह मामला बाद में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां 25 फरवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे को निरस्त कर दिया और इसे कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया।

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9 फर्जी एफआईआर का खुलासा

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी महिला ने दिल्ली के अलग-अलग थानों में कुल 9 एफआईआर दर्ज कराईं। इनमें से 3 मामले दुष्कर्म और 6 मामले छेड़छाड़ व धमकी से जुड़े थे। कई पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने आरोपियों के काम करने के तरीके की पुष्टि की है।

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साथी बनता था फर्जी वकील और फिर सौदेबाजी

पुलिस का कहना है कि महिला का साथी यशदेव सिंह चौहान खुद को वकील बताकर पीड़ितों से संपर्क करता था, जबकि जांच में सामने आया कि वह कड़कड़डूमा कोर्ट में एक वकील का क्लर्क है। वह समझौते के नाम पर पैसे की डील करता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोबाइल फोन और पेन ड्राइव बरामद की है, जिनमें पैसों के लेन-देन और समझौते से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं। इन सबूतों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल भी लिए गए हैं।

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कैसे काम करता था गिरोह

पुलिस जांच के अनुसार, यह एक संगठित रैकेट था जिसमें पहले लोगों को हनीट्रैप के जरिए फंसाया जाता था, फिर उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक केस दर्ज कर दबाव बनाया जाता था और बाद में पैसे लेकर समझौता किया जाता था। महिला खुद सीधे पैसे की बात नहीं करती थी, बल्कि अपने सहयोगी के जरिए यह काम कराती थी। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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