‘फांसी घर’ का नैरेटिव; केजरीवाल और आप नेताओं के खिलाफ चेतावनी प्रस्ताव
दिल्ली विधानसभा ने अरविंद केजरीवाल और अन्य आप नेताओं के खिलाफ चेतावनी प्रस्ताव पारित किया है। इन नेताओं पर विधानसभा परिसर में फांसी घर से जुड़ा कथित मनगढ़ंत नैरेटिव फैलाने और विशेषाधिकार समिति की अवमानना करने का आरोप है।

दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल एवं अन्य 'आप' नेताओं के खिलाफ एक चेतावनी प्रस्ताव पारित किया गया है। यह कार्रवाई विधानसभा में 'फांसी घर' के कथित झूठे नैरेटिव का प्रचार करने और विशेषाधिकार समिति की बैठकों में शामिल न होकर सदन की अवमानना करने के कारण की गई। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक भवन को 'फांसी घर' कहना इसके वास्तविक गौरव और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का अपमान है। हालांकि सदन के पास जेल भेजने जैसी कठोर सजा का अधिकार है लेकिन गरिमा बनाए रखने के लिए केवल औपचारिक चेतावनी का निर्णय लिया गया है।
इन नेताओं के खिलाफ चेतावनी प्रस्ताव
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिल्ली विधानसभा सदन में नियम 77(1)(a) के तहत एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। इसके माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल और पूर्व उपाध्यक्ष राखी बिरला के खिलाफ चेतावनी प्रस्ताव पारित किया गया है। यह प्रस्ताव सदन की अवमानना सिद्ध होने और विधानसभा परिसर के भीतर एक काल्पनिक ‘फांसी घर’ की ‘मनगढ़ंत और आधारहीन कहानी’ प्रचारित करने के कारण लाया गया है।
कठोर सजा का अधिकार लेकिन चेतावनी ही दे रहे
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यद्यपि सदन के पास कारावास जैसी कठोर सजा देने का सर्वोच्च अधिकार है लेकिन विधायिका की गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए सदन ने न्यायिक संयम का परिचय देते हुए दंड के प्रथम चरण के रूप में यह औपचारिक चेतावनी जारी करने का निर्णय लिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा परिसर के भीतर ‘फांसी घर’ के ‘मनगढ़ंत नैरेटिव’ पर गहरी चिंता व्यक्त की।
गौरवशाली भवन को फांसी घर से जोड़ना अन्याय
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस गौरवशाली भवन को फांसी घर से जोड़ना अन्याय है। सदन इस मामले पर अत्यंत न्यायसंगत तरीके से विचार कर रहा है। अवमानना सिद्ध हो चुकी है। विशेषाधिकार के मामलों में भारत की कोई भी अदालत राहत नहीं दे सकती फिर भी हम इस संस्थान की मर्यादा के अनुरूप ही कार्रवाई कर रहे हैं। यह केवल एक भवन नहीं वरन भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक पवित्र मंदिर है।
पिछली सरकार पर निशाना
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने ‘फांसी घर’ की झूठी कहानियां फैलाकर दिल्ली के शहीदों की उपेक्षा करने पर पिछली सरकार की आलोचना की। उन्होंने बवाना, कंझावला, अलीपुर, बादली, नजफगढ़ और महरौली जैसे गांवों के उन स्मारकों के रिकॉर्ड साझा किए जो आज भी उन सैकड़ों ग्रामीण युवाओं की शहादत की गवाही देते हैं। उन्होंने दोहराया कि विधानसभा सचिवालय और विशेषाधिकार समिति यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी भ्रामक जानकारी या अधिकारियों की अवहेलना से सदन की शुचिता और गरिमा से कोई समझौता न हो।




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