गुरुग्राम में निर्माणाधीन बिल्डिंग के बेसमेंट की दीवार गिरी; कुछ मजदूर दबे, एक की मौत
गुरुग्राम में सोमवार देर शाम को एक इलाके में निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट की दीवार गिरने से कई मजदूर मलबे में दब गए। फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर बचाव कार्य में जुटी हैं।

गुरुग्राम में सुशांत लोक फेज-2 में देर शाम एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के बेसमेंट की दीवार गिरने से कुछ मजदूर मलबे में दब गए। हादसे की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य चलाकर मजदूरों को बाहर निकाला जा रहा है। सिविल डिफेंस अधिकारी मोहित शर्मा ने बताया कि अभी तक एक मजदूर की लाश निकाली गई है।
दो की हालत नाजुक
अधिकारी ने बताया कि दो मजदूरों को जिंदा निकाला गया है। दोनों अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। ये तीनों मजदूर बिहार के रहने वाले हैं। सर्च अभियान अभी भी जारी है। पता लगाया जा रहा है कि इस साइट पर कुल कितने मजदूर काम कर रहे थे।
इस साल कई मौतें
गुरुग्राम में इस साल बेसमेंट की दीवार गिरने या मिट्टी खिसकने के कई जानलेवा हादसे हुए हैं। ऐसे हादसे निमार्ण में नियमों की अनदेखी की तरफ इशारा करते हैं। निर्माण कार्यों के दौरान बरती गई लापरवाही और नियमों के उल्लंघन से कई मजदूरों की जान जा चुकी है।
8 मई को हुआ था बड़ा हादसा
इसी साल 8 मई को गुरुग्राम में सेक्टर-27 में एक निर्माणाधीन मकान के बेसमेंट की मिट्टी खिसकने से दीवार ढह गई थी। इसमें वहां काम कर रहे चार मजदूर और मिस्त्री नीचे दब गए, जबकि आठ लोग बाल-बाल बच गए। इस हादसे में एक मजदूर की मौत हुई थी।
1 जून को हादसा, दो मौतें
इसके बाद 1 जून को सेक्टर-57 में एक निर्माण स्थल पर बेसमेंट में मिट्टी की दीवार गिरने से बिहार के दो मजदूरों की मौत हुई थी। दोनों बिहार के अररिया जिले के रहने वाले थे। यह घटना उस वक्त हुई जब सेक्टर-57 के प्लाट पर छह मजदूर काम कर रहे थे।
जून में दीवार गिरने से दो की मौत
जून में ही सोहना में नंगली गांव के रोड पर एक सोसायटी में काम करते समय दीवार ढह गई थी। इस हादसे में मिस्त्री और लेबर का काम करने वाले पति-पत्नी की मलबे में दबने से मौत हो गई थी। वे मध्यप्रदेश के रहने वाले थे।
अगस्त में हादसा, 400 निकाले गए
वहीं, 14 अगस्त को गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके में बेसमेंट की खुदाई के दौरान दीवार गिरने से आसपास के मकानों में दरारें आ गई थी, जिसको देखते हुए प्रशासन ने 10 बिल्डिंग को खाली कर दिया था और इनमें रहने वाले 400 लोगों को सुरक्षा के लिहाज से बाहर सुरक्षित निकाला था।




साइन इन