गुरुग्राम को मिलेगी गंदगी से मुक्ति! नगर निगम का मेगा एक्शन प्लान तैयार; 440 करोड़ के टेंडर पर मुहर
जोन-1 और जोन-2 को क्लस्टर 1 में तो जोन-3 और जोन-4 को क्लस्टर 2 रखा गया है। क्लस्टर 1 में 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे तो वहीं क्लस्टर 2 में 240 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

गुरुग्राम नगर निगम के सफाई कर्मचारी 10 दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसका असर ये हुआ है कि साइबर सिटी में सड़कों और गलियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। इस बीच शहरी स्थानीय निकाय ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 440 करोड़ रुपये की लागत वाली सफाई परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है।
इस सफाई परियोजना के लिए शहर को दो क्लस्टर में बांटा गया है। जोन-1 और जोन-2 को क्लस्टर 1 में तो जोन-3 और जोन-4 को क्लस्टर 2 रखा गया है। क्लस्टर 1 में 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे तो वहीं क्लस्टर 2 में 240 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अगले पांच वर्षों के लिए मशीनी और मैन्युअ सफाई के काम के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं।
ब्लॉकों में विभाजित किया जाएगा
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, इससे पहले यह जानकारी सामने आई थी गुरुग्राम नगर निगम एक नई सफाई के लिए एक नई व्यवस्था को लागू करने की योजना बना रहा है जिसके तहत शहर को 5,000 वर्ग मीटर के ब्लॉकों में विभाजित किया जाएगा, और हर ब्लॉक में एक सफाई कर्मचारी तैनात किया जाएगा।
कैसे फायदेमंद है नई व्यवस्था?
गुरुग्राम नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त यश जालुका ने बताया है कि 'ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम मैपिंग प्लान की शुरुआत शहर में सफाई की बेहतरीन मॉनिटरिंग और अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। खंभों पर निशान लगाए जाएंगे ताकि रहवासी यह पहचान सकें कि कोई ब्लॉक कहां से शुरू और खत्म होता है। इससे रहवासी सफाई के काम के लिए जवाबदेही तय कर सकेंगे।'
गुरुग्राम नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था के लागू होने से सफाई को लेकर लगातार मिलने वाली शिकायतें जैसे एरिया में नियमित सफाई न होना या फिर सफाईकर्मियों की कमी आदि का समाधान होने की उम्मीद है।
एमसीजी के अतिरिक्त आयुक्त रविंदर यादव ने कहा कि ‘नए सिस्टम के तहत, हम हर वार्ड में ठेकेदारों द्वारा तैनात किए जाने वाले श्रमिकों की न्यूनतम संख्या निर्धारित कर सकेंगे ताकि जमीनी स्तर पर पर्याप्त मैनपॉवर सुनिश्चित की जा सके।’
सफाई कर्मचारियों में गहरी नाराजगी
टेंडर ऐसे समय पर निकाले गए हैं जब सफाई कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कई मांगों को राज्या सरकार द्वारा अनदेखा किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो हड़ता जारी रहेगी। रहवासियों ने बताया कि हड़ताल से कूड़ा का ढेर लगा हुआ है और सड़कों पर भी गंदगी है। लोगों का कहन है कि हमारे घरों से कूड़ा कोई नहीं उठा रहा है।"
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