राजनगर एक्सटेंशन में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एयरोसिटी थीम पर टाउनशिप की मंजूरी
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में पीपीपी मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और उससे जुड़े क्षेत्र में एयरोसिटी थीम पर आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। गुरुवार को मेरठ मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई।

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में पीपीपी मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और उससे जुड़े क्षेत्र में एयरोसिटी थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। गुरुवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) सभागार में मेरठ मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। अब इन दोनों योजना के लिए सर्वे किए जाएगा। बोर्ड बैठक में कुल 25 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
जीडीए बोर्ड अध्यक्ष और मेरठ मंडलायुक्त भानू चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई 171वीं बैठक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास के क्षेत्र में एयरोसिटी थीम पर आधारित टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। राजनगर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भी पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
राजनगर एक्सटेंशन को स्पोर्ट्स क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना
जीडीए की इस बार राजनगर एक्सटेंशन को खेल (स्पोर्ट्स) क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना है। अब बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद क्रिकेट स्टेडियम बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। जीडीए इसके लिए फिजिबिलिटी सर्वे कराएगा, ताकि यह देखा जा सके कि यदि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पीपीपी मॉडल पर तैयार कराया जाता है तो उससे प्राधिकरण को क्या फायदा होगा। अब प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम के आसपास की भूमि जुटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसमें यह देखा जाएगा कि एयरोसिटी टाउनशिप को कितने क्षेत्र में विकसित किया जाए। साथ ही यहां किस तरह की योजनाएं लाई जाएं, जिसका स्टेडियम समेत टाउनशिप को अधिक लाभ हो सके। अधिकारी बताते हैं कि इस सर्वे के बाद ही पूरे प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार हो सकेगी। यह सर्वे जल्द शुरू किया जाएगा। बोर्ड बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, सचिव विवेक मिश्रा, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त आदि मौजूद रहे।
टाउनशिप बनने से खेल और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा : माना जा रहा है कि जीडीए क्रिकेट स्टेडियम के पास ऐसी टाउनशिप विकसित करेगा, जहां खेल और पर्यटन को सबसे अधिक लाभ मिल सकेगा। जानकार बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास ही वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स, होटल, घूमने और खरीदारी करने के लिए बड़े बड़े मॉल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, रिटेल जोन, संस्थागत क्षेत्र, खेल एकेडमी, स्कूल समेत अन्य कई तरह के प्रोजेक्ट आ सकते हैं, ताकि इसका लाभ सभी को मिल सके। यहां आवासीय परिसर, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट मल्टीलेवल पार्किंग, हरित क्षेत्र आदि आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित होंगे।
जीडीए और यूपीसीए मिलकर बनाएंगे स्टेडियम
गाजियाबाद में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने का रास्ता अब साफ हो गया। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) और जीडीए इसे मिलकर बनाएंगे। करीब 31 एकड़ जमीन पर तैयार होने वाला स्टेडियम पीपीपी मॉडल पर बनाया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) और जीडीए जल्द ही एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था के तहत जीडीए जमीन कन्वर्जन चार्ज (जमीन का प्रकार बदलने का शुल्क) माफ कर सकता है। साथ ही, नक्शा पास करने का शुल्क में भी छूट दे सकता है। इस स्टेडियम में 55 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। इसके निर्माण पर 450 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
बाढ़ नियंत्रण में मदद के साथ जाम से मिलेगी राहत
जीडीए बोर्ड बैठक में राजस्व ग्राम अटौर के पास हिंडन नदी के दाहिने तट पर बांध निर्माण करने के लिए भूमि अर्जन करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। कई किलोमीटर लंबे बांध बनने के बाद इस क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। वहीं, इसके यहां रोड भी विकसित किया जाएगा। यह मार्ग राजनगर एक्सटेंशन के अटौर गांव के पास से पाइप लाइन तक बनाई जाएगी। साथ ही यातायात के लिए एक नया वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा।




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