गाजियाबाद : फर्जी पासपोर्ट केस में पुलिसवालों पर ऐक्शन, भोजपुर थाना SHO और 8 SI लाइन हाजिर
गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में एक फरवरी को सामने आए फर्जी पासपोर्ट मामले में 5 आरोपियों के जेल जाने के बाद अब जिम्मेदार पुलिस कर्मियों पर भी गाज गिरी है। भोजपुर थाना प्रभारी और तीन चौकी प्रभारियों के अलावा पांच दरोगाओं को मंगलवार को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में एक फरवरी को सामने आए फर्जी पासपोर्ट मामले में पांच आरोपियों के जेल जाने के बाद अब जिम्मेदार पुलिस कर्मियों पर भी गाज गिरी है। भोजपुर थाना प्रभारी और तीन चौकी प्रभारियों के अलावा पांच दरोगाओं को मंगलवार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं, मामले में सस्पेंड किए गए थाने के डाक मुंशी को मुकदमे में आरोपी बनाया गया है।
भोजपुर थानाक्षेत्र के तीन गांवों के फर्जी पतों पर 22 पासपोर्ट बनवाए गए थे। जब इन पतों का सत्यापन कराया गया तो सभी फर्जी पाए गए। इस गंभीर चूक के बाद भोजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें 25 लोगों को आरोपी बनाया गया। पुलिस अब तक मां-बेटे समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इसी क्रम में मंगलवार को भोजपुर थाना प्रभारी और आठ दरोगाओं को लाइन हाजिर किया गया। जिन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया, उनमें भोजपुर थाना प्रभारी सचिन कुमार के अलावा फरीदपुर चौकी प्रभारी रुस्तम सिंह, अतरौली चौकी प्रभारी प्रशांत संसरवाल और चुड़ियाला चौकी प्रभारी मनोज कुमार शामिल हैं। इनके साथ ही भोजपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामकुमार, महेंद्र सिंह, विकास सैनी, अंकित कुमार और आदित्य गौतम को भी लाइन हाजिर किया गया है।
वहीं, जांच में खुलासा हुआ कि थाने में तैनात डाक मुंशी दीपक कुमार कुछ दरोगाओं को आवंटित टैब का इस्तेमाल कर फर्जी सत्यापन करता था, जिसके चलते उसे निलंबित कर दिया गया था। अब डाक मुंशी को मुकदमे में आरोपी भी बना दिया गया है।
किसी भी व्यक्ति के रहने की पुष्टि नहीं हुई
जिन 22 लोगों के फर्जी पासपोर्ट पाए गए हैं, उनमें से अधिकांश सिख समाज से जुड़े बताए जा रहे है, लेकिन जिन गांवों के पते पर ये पासपोर्ट बनाए गए, वहां सिख समाज के किसी भी व्यक्ति के रहने की पुष्टि नहीं हुई। इससे पूरे मामले में संदेह गहराता जा रहा है। पुलिस के अनुसार सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।
सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटीं
फर्जी पासपोर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। एटीएस नोएडा की टीम भोजपुर समेत तीन गांवों में जाकर स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन शामिल हैं। वहीं, दिल्ली की खुफिया एजेंसियां भी जांच कर रही हैं।
सुरेंद्र नाथ तिवारी, डीसीपी ग्रामीण, ''लापरवाही बरतने के चलते भोजपुर थाना प्रभारी, तीन चौकियों के प्रभारी और पांच दरोगाओं को लाइन हाजिर किया गया है। मुंशी की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।''




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