Four thousand buyers of Greater Noida and Yamuna City will get ownership rights on flats and plots ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के 4 हजार खरीदारों को मिलेगा फ्लैट और प्लॉट का मालिकाना हक, Ncr Hindi News - Hindustan
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ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के 4 हजार खरीदारों को मिलेगा फ्लैट और प्लॉट का मालिकाना हक

ग्रेटर नोएडा शहर की 11 सोसाइटी और यमुना सिटी के सेक्टर-22ए स्थित थ्रीसी होम्स के चार हजार खरीदारों के लिए अच्छी खबर है। परियोजनाओं में फंसे 3410 लोगों को होली के बाद फ्लैट पर मालिकाना हक मिल जाएगा। वहीं, थ्रीसी होम्स के 512 खरीदारों को भूखंड मिलने से आवास बना सकेंगे।

Sat, 28 Feb 2026 08:08 AMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, ग्रेटर नोएडा
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ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के 4 हजार खरीदारों को मिलेगा फ्लैट और प्लॉट का मालिकाना हक

ग्रेटर नोएडा शहर की 11 सोसाइटी और यमुना सिटी के सेक्टर-22ए स्थित थ्रीसी होम्स के चार हजार खरीदारों के लिए अच्छी खबर है। परियोजनाओं में फंसे 3410 लोगों को होली के बाद फ्लैट पर मालिकाना हक मिल जाएगा। वहीं, थ्रीसी होम्स के 512 खरीदारों को भूखंड मिलने से आवास बना सकेंगे।

ग्रेटर नोएडा की 98 बिल्डर परियोजनाओं में फ्लैट खरीदने वाले हजारों लोग मालिकाना हक पाने के लिए पिछले करीब 10 सालों से भटक रहे हैं। कुछ परियोजनाओं में कब्जा तो मिल गया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इस मामले में अमिताभ कांत समिति का गठन किया गया। अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत बकाया राशि का 25 फीसदी जमा करने पर फरवरी 2024 से रजिस्ट्री की अनुमति दी जा रही है।

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इन परियोजनाओं में संपत्तियों की रजिस्ट्री शुरू हो सकेगी

प्राधिकरण के बिल्डर विभाग के मुताबिक बकाया राशि जमा करने पर 11 परियोजनाओं में ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) जारी कर रजिस्ट्री की अनुमति दे दी गई है।

प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक, अजय इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर-2 ग्रेटर नोएडा वेस्ट, आईआईटीएल निम्बस द एक्सप्रेस पार्क व्यू सेक्टर चाई-5, जेएम हाउसिंग टेक्जोन-4, अर्थकॉन सेक्टर चाई-5, केंद्र एवं राज्य कर्मचारी सहकारी आवास समिति सेक्टर फाई-4, डिसेंट बुल्डवेल सेक्टर 16बी ग्रेटर नोएडा वेस्ट, हाई कास्टले रियलटेक सेक्टर बीटा-2, डिलिजेंट बिल्डर्स सेक्टर-1 ग्रेटर नोएडा, देविका गोल्ड होम्स सेक्टर-1 ग्रेटर नोएडा वेस्ट, एलिगेंट इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर टेक्जोन-4 और सेक्टर ईटा-2 स्थित एसजेपी होटल एवं रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड में रजिस्ट्री की अनुमति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं में फ्लैट और दुकान मिलाकर 3410 संपत्तियों की रजिस्ट्री शुरू हो सकेगी।

अब तक 20 हजार से अधिक फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी

उल्लेखनीय है कि अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू करने के बाद अब तक 20 हजार से अधिक फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। वहीं, 35 हजार से अधिक लोग अब भी मालिकाना हक मिलने का इंतजार कर रहे। इसके लिए प्रदर्शन भी हो चुके।

सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा, ''बिल्डरों द्वारा बकाया राशि जमा करने पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 11 परियोजनाओं में 3410 इकाइयों के लिए कब्जा और पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया है। अब खरीदार रजिस्ट्री करा सकेंगे।''

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बिल्डर ने थ्रीसी होम्स परियोजना पूरी की

वहीं, यमुना सिटी के सेक्टर-22ए स्थित थ्रीसी होम्स परियोजना में 11 वर्षों से फंसे 512 खरीदारों के आवास बनाने का रास्ता साफ हो गया है। ऐस समूह ने परियोजना को पूरा कर खरीदारों को पजेशन ऑफर जारी कर दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की मंजूरी के बाद ऐस इंफ्रासिटी डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 13 जून 2023 को थ्रीसी होम्स की लोटस सिटी रेजिडेंशियल प्लॉट्स परियोजना अधिग्रहीत की थी। जुलाई 2024 में यीडा की अपील वापस लेने के बाद परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया। कार्यों की देखरेख के लिए एक निगरानी समिति भी गठित हुई थी, जिसमें बिल्डर, खरीदार और अन्य सदस्य शामिल थे। समिति की निगरानी में ही परियोजना पूरी की गई। ऐस समूह ने 19 फरवरी 2026 को यीडा से परियोजना के लिए कंप्लीशन प्राप्त कर लिया। 25 फरवरी को सफल क्रियान्वयन का प्रमाणपत्र जारी किया। ऐस समूह के सीएमडी अजय चौधरी ने कहा कि आईबीसी 2016 के तहत पूरी होने वाली एनसीआर की यह पहली परियोजना है।

11 वर्षों से कब्जे का इंतजार कर रहे

श्रीसी होम्स की इस परियोजना में खरीदारों को वर्ष 2015 में कब्जा दिया जाना था। बुकिंग के समय ही उन्होंने कुल कीमत का 50 से 70 प्रतिशत तक भुगतान भी कर दिया, लेकिन बिल्डर किसानों से जमीन का कब्जा नहीं ले सका। वर्ष 2019 में मामला एनसीएलटी में चला गया। थ्रीसी होम्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू हो गई। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। एनसीएलटी के सभी आपत्तियों को खारिज करने के बाद वर्ष 2023 में योजना को मंजूरी दी गई।

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