JNU में ‘कब्र खुदेगी’ वाले नारेबाजी पर हुई FIR, मोदी-शाह के खिलाफ लगे थे विवादित नारे
JNU में मोदी शाह के खिलाफ हुई विवादित नारेबाजी में FIR दर्ज हो गई है। येशिकायत बीएनएस की धारा 352 और 353 में दर्ज की गई है। JNU के ‘कब्र खुदेगी’ वाले नारेबाजी पर हुई FIR, मोदी-शाह के खिलाफ लगाए गए थे विवादित नारे

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में मोदी-शाह के खिलाफ लगाए गए विवादित नारों पर एक्शन लेते हुए FIR दर्ज हो गई है। ये एफआईआर बीएनएस की धारा 352 और 353 के तहत दर्ज की गई है। हालांकि नारेबाजी वाले मामले में FIR दर्ज कराने की बात सामने आने पर जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन (JNUTA) द्वारा पहले ही नाराजगी जाहिर की जा चुकी है।
JNU प्रशासन ने इसे कैंपस के कोड ऑफ कंडक्ट का खुला उल्लंघन बताया था। इस आधार पर JNU के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में घटना के बारे में शिकायत दी थी। इसके बाद कानूनी राय के बाद NCR नंबर 02/26 u/s 352/353(1)/3(5) BNS के तहत केस दर्ज किया गया है।
जेएनयू कैंपस में हुए एक प्रदर्शन से उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब 2020 के दंगा मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को उच्चतम न्यायालय से जमानत नहीं मिलने के विरोध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाए गए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने जोर देते हुए कहा कि “किसी भी गैरकानूनी आचरण या राष्ट्रविरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा” और सोमवार की घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आपत्तिजनक नारे लगाने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विश्विद्यालय परिसर में पांच जनवरी, 2020 को उस समय हिंसा भड़क गई थी जब नकाबपोश लोगों की एक भीड़ ने परिसर में घुसकर तीन छात्रावासों में छात्रों को निशाना बनाया था और लाठियों, पत्थरों एवं लोहे की छड़ों से हमला कर खिड़कियां, फर्नीचर और निजी सामान तोड़ दिए थे। परिसर में करीब दो घंटे तक अराजकता का माहौल रहा और इस दौरान जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हो गए थे।




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