Media misreported to divert attention; JNUSU clarifies on Khabar khugegi slogan मीडिया ने ध्यान भटकाने के लिए गलत तरीके से पेश किया; कब्र खुदेगी वाले नारों पर JNUSU की सफाई, Ncr Hindi News - Hindustan
More

मीडिया ने ध्यान भटकाने के लिए गलत तरीके से पेश किया; कब्र खुदेगी वाले नारों पर JNUSU की सफाई

अब छात्र संघ ने घटना पर अपनी सफाई दी है। JNUSU ने इसे मीडिया के एक हिस्से द्वारा असली सवाल से ध्यान भटकाने वाला बताया है। इसके साथ ही आरोप लगाया है कि ये JNU को बदनाम करने और स्टूडेंट्स पर जुल्म को बढ़ाने का संगठित तरीका है।

Tue, 6 Jan 2026 08:32 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
मीडिया ने ध्यान भटकाने के लिए गलत तरीके से पेश किया; कब्र खुदेगी वाले नारों पर JNUSU की सफाई

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर नारेबाजी के चलते सुर्खियों में है। इस बार 'मोदी-शाह की कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर' जैसे विवादित और भड़काऊ नारे सामने आए हैं। नारेबाजी का वीडियो सामने आया, तो मामला एक बार फिर गरमा गया। अब छात्र संघ ने घटना पर अपनी सफाई दी है। JNUSU ने इसे मीडिया के एक हिस्से द्वारा असली सवाल से ध्यान भटकाने वाला बताया है। इसके साथ ही आरोप लगाया है कि ये JNU को बदनाम करने और स्टूडेंट्स पर जुल्म को बढ़ाने का संगठित तरीका है।

2020 में हुए कांड की याद में जुटे थे

छात्र संघ द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि हम लोग 5 जनवरी 2020 को JNU कैंपस में हुए हमले की याद में एकट्ठा हुए थे। छात्रों का आरोप है कि 2020 में हथियारबंद नकाबपोश गुंडों ने JNU कैंपस में घुसकर साबरमती हॉस्टल और दूसरे इलाकों में स्टूडेंट्स और टीचर्स पर हमला किया था।

उस आतंक की रात को छह साल बीत चुके हैं। फिर भी, आज तक अपराधी कानून की नजर में "नकाबपोश" बने हुए हैं, जबकि उनकी पहचान सभी को पता है। 5 जनवरी के मामले में दिल्ली पुलिस एक भी गिरफ्तारी करने में नाकाम रही है। यह हमले में उनकी मिलीभगत दिखाता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मोदी-शाह की कब्र खुदेगी…, छात्रों के नाम उजागर; JNU प्रशासन क्या बोला?

मीडिया ने ध्यान भटकाने के लिए गलत तरीके से पेश किया

इसके बाद JNUSU ने बीती रात हुई नारेबाजी पर रिएक्शन देते हुए मीडिया पर हमला बोला है। कहा गया है कि हमने 2020 में हुए अन्याय के खिलाफ सामने आए पैटर्न को हाईलाइट करने के लिए एक शांतिपूर्ण आयोजन किया था, लेकिन पत्रकारिता की नैतिकता को बनाए रखने और सत्ता से सवाल करने के बजाय मीडिया के एक हिस्से ने असली सवालों से ध्यान भटकाने के लिए शांतिपूर्ण आयोजन को गलत तरीके से पेश किया।

JNU को बदनाम करने और छात्रों पर जुल्म करने की कोशिश

JNUSU का आरोप है कि बदनामी की ये कोशिशें JNU को बदनाम करने और स्टूडेंट्स पर जुल्म को बढ़ाने की एक ऑर्गनाइज्ड कोशिश हैं। बदकिस्मती से, जिस मीडिया का काम सत्ता से सच बोलना है, वह JNU के खिलाफ बदनामी फैलाने के लिए सरकार में बैठे लोगों का साथ दे रहा है। JNUSU बदनामी और बदनामी की ऐसी कोशिशों की निंदा करता है।

 jnusu

JNU प्रशासन ने बोला, जानबूझकर किया गया

एक तरफ JNUSU ने कहा है कि हम आंदोलन के शांतिपूर्ण और डेमोक्रेटिक तरीकों का समर्थन करते हैं। वहीं दूसरी तरफ JNU द्वारा जारी किए गए बयान में इस घटना को डेमोक्रेटिक असहमति के बिल्कुल खिलाफ बताया गया है। कैंपस ने इसे JNU को ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन बताया है। इसके साथ ही कहा है कि लगाए गए नारे में साफ सुनाई दे रहा था कि ये जानबूझकर किया गया है। नारे बार-बार दोहराए जा रहे थे, न कि अचानक या अनजाने में किया गया इशारा।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।