ईंधन से सराफा बाजार तक बेचैनी बढ़ी
फरीदाबाद में वैश्विक बाजार की अस्थिरता के चलते महंगाई बढ़ रही है। अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतें बढ़ाई हैं, जिससे मिठाइयों के दाम भी ऊंचे हो गए हैं। ईंधन आपूर्ति में कमी और सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों ने चिंता बढ़ाई है। उद्योगपतियों को भी बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है।

फरीदाबाद, धनंजय चौहान। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते युद्ध जैसे हालात और वैश्विक बाजार में अस्थिरता का असर अब आम लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। शहर के बाजारों में महंगाई की आहट तेज हो गई है। अमूल और मदर डेयरी द्वारा दूध की कीमतों में दो रुपये की बढ़ोतरी के बाद अब मिठाइयों के दाम बढ़ गए हैं। वहीं खाद्य तेल, किराना सामान, पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों तक पर असर पड़ने लगा है। दूसरी ओर ईंधन सप्लाई को लेकर फैली आशंकाओं और सोना-चांदी के लगातार बढ़ते दामों ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों की चिंता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी देशों में युद्ध के हालातों को देखते हुए लोगों ने पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने की अपील की है। इसके साथ सोने-चांनी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी गई है, जिससे दामों में अचानक बढ़ोतरी हुई है। इसका असर मोबाइल-फोन, कंप्यूटर, सोलर पैनल की चिप में लगने वाले परत पर पड़ा है, जिससे ये इन आईटमों के दाम में भी बढ़ोतरी की आशंका है। वहीं शहर के सराफा कारोबारी विनय अग्रवाल ने बताया कि नकद कारोबार बढ़ गया है और ग्राहक पुराने रेट पर सौदे करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन तेजी से बदलते दामों के कारण अधिकांश ज्वेलर्स पुराने रेट पर बुकिंग लेने से बच रहे
कंपनियों ने पेट्रोल पंप को उधार में पेट्रोल किया बंद
शहर के पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि तेल कंपनियों ने उधार पर सप्लाई लगभग बंद कर दी है।पहले 15 दिन के उधार पर ईंधन की आपूर्ति होती थी, जिसे अब बंद कर दिया है। अधिकतर पेट्रोल पंपों को नगद भुगतान के आधार पर सीमित मात्रा में ईंधन भेजा जा रहा है। इससे कई छोटे पंप संचालकों पर दबाव बढ़ गया है। कुछ पंपों पर डीजल और पेट्रोल की सप्लाई कम होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि प्रशासन ने किसी प्रकार की कमी से इनकार किया है, लेकिन अफवाहों और अनिश्चितता के कारण वाहन चालकों में चिंता बढ़ रही है। लोग एहतियात के तौर पर वाहनों की टंकियां फुल करवा रहे हैं, जिससे कई पंपों पर सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री बढ़ गई है।
ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने से माल ढुलाई महंगी हाेने का खतरा
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान सुरेश के मुताबिक यदि ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई या कीमतें और बढ़ीं तो माल ढुलाई महंगी हो जाएगी। इसका सीधा असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। शहर में सब्जी और फल विक्रेताओं ने भी परिवहन खर्च बढ़ने की बात कही है। कई मंडियों में बाहर से आने वाले फलों और सब्जियों के दाम बढ़ने लगे हैं।
रसगुल्ला, गुलाब जामुन के साथ रसमलाई हुई महंगी
दूध की कीमतों में वृद्धि का असर सबसे पहले मिठाई बाजार में दिखाई दे रहा है। शहर के प्रमुख हलवाई और मिठाई कारोबारियों के अनुसार दूध, खोया, घी, चीनी और ड्राई फ्रूट महंगे होने से उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है। इसके चलते रसगुल्ला, गुलाब जामुन, मिल्क केक, रसमलाई और बर्फी जैसी दूध आधारित मिठाइयों के दाम 20 से 40 रुपये प्रति किलो तक बढ़ाए गए हैं। वहीं काजू कतली, पिस्ता रोल, बादाम बर्फी और देसी घी से बनने वाली प्रीमियम मिठाइयों में 60 से 120 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है। मिठाई कारोबारियों का कहना है कि शादियों और समारोहों के लिए पहले से दिए गए ऑर्डर अब नुकसान का सौदा साबित हो रहे हैं। इसी कारण कई दुकानदारों ने पुराने रेट पर नए ऑर्डर लेना बंद कर दिया है। कुछ दुकानों पर एडवांस बुकिंग के लिए भी सीमित समय की दरें तय की जा रही हैं। किराना बाजार में भी महंगाई का असर साफ दिखाई देने लगा है। एनआईटी 5 के किराना व्यापारी जतिन अहुजा ने बताया कि खाद्य तेलों के दाम में 5 से 10 रुपये प्रति लीटर तक वृद्धि दर्ज की गई है। दाल, चावल और पैकेजिंग सामग्री महंगी होने से ब्रांडेड खाद्य उत्पादों की कीमतें भी बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में बिस्किट, ब्रेड, नमकीन और डेयरी उत्पादों की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के उद्योगपति भी बढ़ती लागत को लेकर चिंतित हैं। उद्योग संगठनों का कहना है कि कच्चा माल, ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा लागत बढ़ने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। कई छोटे और मध्यम उद्योग पहले ही ऑर्डर में कमी और बढ़ती लागत का दबाव झेल रहे हैं। यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो उत्पादन घटाने और स्टाफ कटौती जैसी स्थिति भी बन सकती है।
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