14 प्रॉपर्टी और दुबई में ज्वेलरी कारोबार, अल फलाह के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी पर ED के नए खुलासे
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। ईडी की जांच घेर में अब उनकी 14 अचल संपत्तियां और दुबई का ज्वेलरी कारोबार है।

दिल्ली लालकिला बम ब्लास्ट और आतंकी मॉड्यूल से जुड़े आरोपों से घेरे में आई हरियाणा की अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी पर ईडी की जांच तेज हो गई है। ईडी की जांच में सामने आया है कि सिद्दीकी के नाम पर देश में 14 अचल संपत्तियां और दुबई में एक ज्वेलरी बिजनेस है। जिनकी कुल कीमत करीब 9.28 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इन सभी संपत्तियों की जांच और सत्यापन किया जा रहा है।
आरोप सामने आए थे कि हरियाणा की इस यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन डॉक्टर एक आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा थे, जिसने 10 नवंबर को दिल्ली में हुए धमाके को अंजाम दिया था। इसके बाद ईडी ने यूनिवर्सिटी, ट्रस्टियों और उनसे जुड़े लोगों के करीब दो दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के बाद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
बड़े पैमाने पर डिजिटल डेटा की जांच
ईडी ने छापेमारी के दौरान मिले भारी मात्रा में डिजिटल डेटा की जांच के लिए हाई-एफिशिएंसी सर्वर और GPU सिस्टम का इस्तेमाल किया है, ताकि पैसों के लेन-देन और संदिग्ध गतिविधियों का पूरा ब्योरा निकाला जा सके। निर्माण और कैटरिंग ठेके परिवार की कंपनियों को दिए गए। ईडी की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और हॉस्टल से जुड़े निर्माण और कैटरिंग के ठेके कथित तौर पर सिद्दीकी और उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों को दिए गए।
धौज (फरीदाबाद) स्थित मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का पूरा निर्माण कार्य कर्कुन कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स नाम की कंपनी ने किया। यह कंपनी सिद्दीकी और उनकी बेटी की 49-49 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली बताई जा रही है। वहीं हॉस्टल कैटरिंग के ठेके अमला एंटरप्राइजेज को दिए गए, जिसमें सिद्दीकी की पत्नी और बेटे की भी 49-49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जांच एजेंसी का कहना है कि अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, जो यूनिवर्सिटी का संचालन करता है, उसने इन रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस (अपने ही लोगों को ठेके देना) की जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न और अन्य सरकारी दस्तावेजों में नहीं दी।
पहले भी जेल जा चुके सिद्दीकी
ईडी को पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि जवाद सिद्दीकी को जनवरी 2000 में दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के मामले में गिरफ्तार किया था। उस मामले में वह चार साल तक जेल में रहे थे।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि अल फला ग्रुप के चेयरमैन को विदेशों से पैसे, यूके से हजारों डॉलर, शारजाह की दो संपत्तियां, बिना गारंटी के कर्ज और फंड के संदिग्ध बंटवारे से जुड़ी जानकारियां मिली हैं, इनकी जांच जारी है।




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