दिल्ली दंगों के आरोपियों ले पूछताछ करेगी पुलिस, अल-फलाह कनेक्शन को लेकर हैं कई सवाल
दिल्ली में बम धमाका करने की साजिश और धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से इसके कनेक्शन के खुलासे के बाद, स्थानीय पुलिस इस आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ करने की योजना बना रही है।

दिल्ली में बम धमाका करने के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से स्थानीय पुलिस पूछताछ कर सकती है, ताकि अल-फलाह यूनिवर्सिटी में तैयार हुए इस आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इसके लिए स्थानीय पुलिस रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हुई है।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में स्थानीय पुलिस एक मामला भी दर्ज कर चुकी है। यह मामला भी आरोपियों से पूछताछ करने के इरादे से दर्ज करने की सूचना है। हालांकि, कुछ पुलिस अधिकारी शुरू से ही इस मामले में स्थानीय पुलिस थाने में एक मामला दर्ज करने की पैरवी कर रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि मामला दर्ज होने से आरोपियों से पूछताछ कर इस मामले की तह में जाया जा सकता है। आरोपियों से पूछताछ के बाद आतंकियों के स्थानीय नेटवर्क को समझकर उसे जड़ से खत्म करने में भी सहायता मिलेगी। दिल्ली में बम धमाका होने और धौज गांव स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी इसका केंद्र निकलने की वजह से स्थानीय पुलिस सकते में हैं। पुलिस अधिकारी इस आतंकी नेटवर्क को अपने स्तर पर समझने में जुटे हुए हैं। इस मामले का पता चलते ही डीसीपी क्राइम मुकेश मल्होत्रा के नेतृत्व में एक स्पेशल इंक्वायरी टीम भी गठित की जा चुकी है।
यह टीम अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हुई है। पुलिस के लिए न भूलने वाली बात यह है कि आतंकी नेटवर्क यहां विस्फोटक सामग्री और हथियार जुटाने में लगा रहा, लेकिन किसी भी मुखबिर या आम लोगों के जरिए इसकी भनक तक नहीं लगी। सबसे अहम यह है कि दिल्ली में धमाके की साजिश लंबे समय से चल रही थी। डॉक्टर आसानी से अपने खतरनाक मंसूबों को अंजाम देने में जुटे हुए थे। वे नूंह और सोहना से अमोनियम नाइट्रेट की खैप लाकर फतेहपुर तगा और धौज में रख रहे थे। वहीं लोगों से संपर्क बनाने में जुटे हुए थे। बाहरी लोगों की भी आवाजाही हो रही थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर किसी भी तरीके से इस नेटवर्क का पता नहीं चल सका था।
एनआईए जांच जारी
डीसीपी क्राइम मुकेश मल्होत्रा से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह मामला एनआईए के अधिकार क्षेत्र का है। आतंक संबंधी मामलों की जांच एनआईए ही करती है। हम तो सिर्फ जांच टीम की सहायता करने में लगे हैं। यहां कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। एनआईए के पास मामला होने के कारण हम स्थानीय तौर पर मामला भी दर्ज नहीं कर सकते हैं। धौज थाना एसएचओ ने भी मामला दर्ज होने से इनकार किया है। 30 अक्तूबर को जम्मू एवं कश्मीर पुलिस यहां से डॉ. मुजम्मिल अहमद को पकड़कर ले गई थी। आठ से 10 नवंबर को पुलिस ने धौज और फतेहपुर तगा से 2,900 किलो से ज्यादा अमोनियम नाट्रेट और हथियार-कारतूस बरामद किए थे।
जासूसी मामले में तीन और गिरफ्तार
नूंह। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में गिरफ्तार चल रहे दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद तीन आरोपी और गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने रविवार को आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर ले लिया है। नूंह पुलिस ने रविवार को अमृतसर में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बता दें कि इस मामले में सबसे पहले अधिवक्ता रिजवान की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद हवाला कारोबार करने के आरोप में पंजाब से अजय अरोड़ा की गिरफ्तार हुई।




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