ED attaches 2 Gurugram apartments worth 73 cr in probe against Gensol Group गुरुग्राम में ED ने 73 करोड़ के दो अपार्टमेंट किए अटैच, गेनसोल ग्रुप के खिलाफ एक्शन, Ncr Hindi News - Hindustan
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गुरुग्राम में ED ने 73 करोड़ के दो अपार्टमेंट किए अटैच, गेनसोल ग्रुप के खिलाफ एक्शन

इनमें गुरुग्राम के पॉश रिहायशी प्रोजेक्ट्स DLF द कैमेलियास और DLF द मैगनोलियास में स्थित दो लग्जरी अपार्टमेंट शामिल हैं। इनकी कुल कीमत करीब 73 करोड़ रुपये बताई गई है। जेनसोल ग्रुप को अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी प्रमोट करते हैं।

Mon, 19 Jan 2026 07:47 PMRatan Gupta हिन्दुस्तान टाइम्स, गुरुग्राम
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गुरुग्राम में ED ने 73 करोड़ के दो अपार्टमेंट किए अटैच, गेनसोल ग्रुप के खिलाफ एक्शन

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत जेनसोल ग्रुप से जुड़ी करीब 86 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। इनमें गुरुग्राम के पॉश रिहायशी प्रोजेक्ट्स DLF द कैमेलियास और DLF द मैगनोलियास में स्थित दो लग्जरी अपार्टमेंट शामिल हैं। इनकी कुल कीमत करीब 73 करोड़ रुपये बताई गई है। जेनसोल ग्रुप को अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी प्रमोट करते हैं।

इन 2 मामलों में हो रही जांच

ईडी के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है। एजेंसी दो अलग-अलग मामलों में जेनसोल ग्रुप की कंपनियों की जांच कर रही है। पहला मामला जेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड (GEL) और ब्लूस्मार्ट फ्लीट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। इसमें दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच चल रही है। दूसरा मामला मैट्रिक्स गैस एंड रिन्यूएबल्स लिमिटेड (Matrix) से जुड़ा है। इसकी जांच सीबीआई की एफआईआर के आधार पर की जा रही है।

अपार्टमेंट के अलावा बैंक की रकम भी अटैच

ब्लूस्मार्ट मामले में ईडी ने बताया कि उसने DLF कैमेलियास में स्थित अपार्टमेंट नंबर CM-706A को अटैच किया है, जो कैपब्रिज वेंचर्स एलएलपी (जेनसोल ग्रुप की कंपनी) के नाम पर रजिस्टर है। इसकी कीमत करीब 40.57 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा जेनसोल ग्रुप की विभिन्न कंपनियों के बैंक खातों में मौजूद 14.28 करोड़ रुपये भी अटैच किए गए हैं।

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ऐसे रची गई आपराधिक साजिश

ईडी का आरोप है कि जेनसोल इंजीनियरिंग और ब्लूस्मार्ट फ्लीट ने गो ऑटो प्राइवेट लिमिटेड (GAPL) और उसके प्रमोटर अजय अग्रवाल के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। इस साजिश के तहत पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी और टोयोटा फाइनेंशियल सर्विसेज इंडिया लिमिटेड से लिए गए कर्ज को इलेक्ट्रिक वाहन बेड़े के विस्तार के नाम पर हासिल किया गया। लेकिन, असल में इन पैसों को परतदार लेन-देन के जरिए दूसरी गतिविधियों और प्रमोटर्स के निजी लाभ के लिए डायवर्ट कर दिया गया।

ईडी के अनुसार, इस फंड डायवर्जन के चलते जेनसोल के खाते एनपीए बन गए और सरकारी संस्थानों को भारी नुकसान हुआ। दिसंबर 2025 तक IREDA और PFC से लिए गए कर्ज में से 505.27 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। वहीं, मैट्रिक्स मामले में ईडी ने DLF द मैगनोलियास में स्थित अपार्टमेंट नंबर 1516B को अटैच किया है, जिसकी कीमत 32.28 करोड़ रुपये है।

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