दिल्ली की सड़कों पर दौड़ेंगी सिर्फ इलेक्ट्रिक बसें, मेट्रो नेटवर्क का भी होगा विस्तार
प्रदूषण से जूझ रही राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसी के मद्देनजर नए साल में डीटीसी के बेड़े में करीब 3500 ई-बसें शामिल की जाएंगी। इससे एक तरफ जहां बसों की कमी पूरी होगी, वहीं प्रदूषण के स्तर में भी कमी आने की उम्मीद है।

Delhi's 2026 Transport Revolution Plan : प्रदूषण से जूझ रही राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसी के मद्देनजर नए साल में डीटीसी के बेड़े में करीब 3500 ई-बसें शामिल की जाएंगी। इससे एक तरफ जहां बसों की कमी पूरी होगी, वहीं प्रदूषण के स्तर में भी कमी आने की उम्मीद है।
इसके अलावा दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तीन प्राथमिकता वाले कॉरिडोर को भी शुरू करने का लक्ष्य दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने रखा है। इन तीनों कॉरिडोर पर मेट्रो का परिचालन शुरू होने से दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 400 किलोमीटर और एनसीआर में मेट्रो का नेटवर्क 450 किलोमीटर के पार पहुंच जाएगा।
मौजूदा समय में डीटीसी बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल डीटीसी और क्लस्टर को मिलाकर कुल 5398 बसें हैं। इसमें 3518 इलेक्ट्रिक और 1880 सीएनजी बसें हैं। नए वर्ष में सीएनजी बसें चरणबद्ध तरीके से सड़कों से पूरी तरह हट जाएंगी। फिलहाल डीटीसी की 149 सीएनजी बसें की डीटीसी के बेड़े में शामिल हैं। इन्हें भी कुछ दिनों में सड़कों से हटाने की तैयारी है। इसके अलावा 1731 क्लस्टर सीएनजी बसें हैं, ये भी अगले वर्ष सड़क से हट जाएंगी।

इसके मद्देनजर डीटीसी किराए पर ई-बसें लेकर अपने बेड़े को मजबूत करने में लगा है। इसी क्रम में मार्च तक करीब 1500 अतिरिक्त ई-बसें सड़कों पर उतारने की योजना है। इससे ई-बसों की संख्या बढ़कर 5000 से ज्यादा हो जाएगी। नवंबर तक 2000 और ई-बसें आ सकती हैं। इससे ई-बसों की संख्या बढ़कर 7000 से ज्यादा हो जाएगी।
63 किलोमीटर बढ़ जाएगा मेट्रो का नेटवर्क : फेज चार के तीन प्राथमिकता वाले कॉरिडोर में शामिल मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर पूरी तरह परिचालन के लिए तैयार है। निर्माणाधीन जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर पर दीपाली चौक से मजलिस पार्क के बीच 9.9 किलोमीटर का कॉरिडोर भी तैयार है। डीएमआरसी के अनुसार जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कारिडोर के बाकी बचे हिस्से व निर्माणाधीन तुगलकाबाद-एरोसिटी का निर्माण भी इस वर्ष पूरा कर लिया जाएगा। इस वर्ष के अंत तक फेज चार के तीनों कॉरिडोर के 63.39 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चलने लगेगी।
दिल्ली को मिलेगी पहली स्लीपर वंदे : भारत ट्रेनदिल्ली को पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन मिलने की उम्मीद है। इसके लिए उत्तर रेलवे ने तैयारी पूरी की ली है। यह ट्रेन नई दिल्ली से पटना के बीच चलाई जाएगी।
आरआरटीएस के पूरे हिस्से पर चलेगी नमो भारत ट्रेन
दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस का 82.15 किलोमीटर का पूरा कॉरिडोर करीब तैयार हो चुका है। मौजूदा समय में न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ के बीच नमो भारत का परिचालन हो रहा है। नए वर्ष में इस कॉरिडोर के पूरे हिस्से पर नमो भारत ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा।
फेज चार के कॉरिडोर पर चलेगी नई मेट्रो ट्रेन
डीएमआरसी फेज-4 कॉरिडोर के लिए 312 कोच (52 ट्रेन) खरीद रहा है। ये कोच दिल्ली आने शुरू हो गए हैं। जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर के दीपाली चौक से मजलिस पार्क के बीच बने कॉरिडोर पर सबसे पहले फेज-4 की नई मेट्रो उतरेंगी।




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