दिल्ली में इस महीने से दौड़ेंगी डबल-डेकर बसें, पर्यटन स्थलों को जोड़ेंगी; क्या रूट और कितना किराया
दिल्ली में इस महीने डबल-डेकर बसें शुरू होने वाली हैं। यह प्लान प्रधानमंत्री संग्रहालय, नेशनल वॉर मेमोरियल और भारत मंडपम जैसे खास टूरिस्ट जगहों को जोड़ने वाली टूरिज्म सर्विस शुरू करने का हिस्सा है। यात्रियों को हर जगह की अहमियत के बारे में बताने के लिए बस में एक गाइड भी होगा।

दिल्ली में इस महीने डबल-डेकर बसें शुरू होने वाली हैं। यह प्लान प्रधानमंत्री संग्रहालय, नेशनल वॉर मेमोरियल और भारत मंडपम जैसे खास टूरिस्ट जगहों को जोड़ने वाली टूरिज्म सर्विस शुरू करने का हिस्सा है। यात्रियों को हर जगह की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अहमियत के बारे में बताने के लिए बस में एक गाइड भी होगा।
दिल्ली के टूरिज्म मिनिस्टर कपिल मिश्रा ने पीटीआई को बताया कि यह सर्विस फरवरी में शुरू होगी। इसका मकसद टूरिस्ट को देश की राजधानी में बेहतर घूमने का अनुभव देना है। एक अधिकारी ने बताया कि शाम के टूर की भी योजना बनाई जा रही है और रूट काफी हद तक फाइनल हो गया है।
उन्होंने कहा कि दो डबल-डेकर बसें लगभग 20 फरवरी को चालू होने की उम्मीद है, जो दिल्ली में सरकार के एक साल पूरे होने की सालगिरह है। अशोक लेलैंड द्वारा बनाई गई और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी पहल के तहत दी गई इलेक्ट्रिक बस को शुरू में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के तहत ओखला डिपो में रखा गया था। बाद में उसे टूरिज्म डिपार्टमेंट को सौंप दिया गया।
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि टूरिज्म डिपार्टमेंट अब इस बस को प्रधानमंत्री संग्रहालय से भारत मंडपम, नेशनल वॉर मेमोरियल, नए संसद परिसर, दिल्ली हाट और दूसरी जगहों जैसे लोकप्रिय डेस्टिनेशंस तक चलाने की योजना बना रहा है। उन्होंने बताया कि डिपार्टमेंट ने औपचारिक उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा है।
बस में ड्राइवर के अलावा 63 से ज़्यादा यात्री बैठ सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह सर्विस घरेलू और विदेशी दोनों तरह के टूरिस्ट के लिए है। यह लुटियंस दिल्ली में ओवरहेड तारों या पेड़ों की नीची डालियों से जुड़ी किसी भी दिक्कत के बिना चल सकती है।
अधिकारी ने कहा कि क्योंकि म्यूजियम शाम 6 बजे बंद हो जाता है, इसलिए टूर वहीं से शुरू होगा और फिर दूसरी जगहों पर जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि बस को इंडिया गेट, सिग्नेचर ब्रिज और भारत मंडपम जैसे खास आकर्षणों की तस्वीरों से सजाया जाएगा।
बड़ों के लिए किराया 500 रुपए और छह से बारह साल के बच्चों के लिए 300 रुपए तय किया गया है। हर जगह की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अहमियत के बारे में यात्रियों को बताने के लिए बस में एक गाइड भी होगा।
बाजारों और ऐतिहासिक इमारतों पर फोकस करने वाले टारगेटेड टूर पर भी बात हुई, लेकिन अधिकारियों को लगा कि यह मॉडल कमर्शियल इलाकों के बजाय ऐतिहासिक जगहों के लिए ज्यादा बेहतर काम करेगा। डबल-डेकर बसें कभी दिल्ली में आम थीं, जिन्हें दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन 'सुविधा' बसों के तौर पर चलाता था, लेकिन 1989 में पुरानी बसों को हटा दिए जाने के बाद इन्हें बंद कर दिया गया।




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