विवेक विहार की बिल्डिंग में कैसे फैली आग, मरने वालों में डेढ़ साल का मासूम भी; दिल्ली अग्निकांड के 10 बड़े अपडेट
दिल्ली के विवेक विहार की बिल्डिंग में फैली आग में 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में डेढ़ साल का मासूम भी शामिल था। जानकारी के मुताबिक विवेक विहार के फेज 1 की चार मंजिला इमारत में आग लगने की खबर सुबह करीब तीन बजकर 48 मिनट पर मिली।

दिल्ली के विवेक विहार की बिल्डिंग में फैली आग में 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में डेढ़ साल का मासूम भी शामिल था। जानकारी के मुताबिक विवेक विहार के फेज 1 की चार मंजिला इमारत में आग लगने की खबर सुबह करीब तीन बजकर 48 मिनट पर मिली। पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि आग ने इमारत के कई फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया था जिसके बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया। आग इतनी भीषण थी कि घरों के अंदर मौजूद लोगों को इससे बचने का मौका तक नहीं मिला। कई शव बुरी तरह जल गए। फिलहाल सभी शवों की पहचान कर ली गई है। पढ़िए इस हादसे से जुड़े 10 बड़े अपडेट
- AC ब्लास्ट से आग की आशंका
आग लगने की शुरुआती वजह एसी ब्लास्ट मानी जा रही है। स़्थानिय लोगों का मानना है कि आग एसी ब्लास्ट होने से आग लगी होगी, हालांकि पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। स्थानीय निवासी रोहित ने कहा कि एसी में विस्फोट के कारण आग लगी। लगभग 12-15 लोगों को बचा लिया गया है जबकि 4-5 लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि आग लगभग 3.13 बजे लगी और दमकलकर्मी लगभग 3.35 बजे मौके पर पहुंचे।
2. घरेलू सामान फैलनी शुरू हुई आग
दमकल अधिकारियों के अनुसार, घरों में घरेलू सामान से आग फैलनी शुरू हुई और तेजी से कम से कम छह फ्लैट्स में फैल गई। दमकल विभाग के प्रवक्ता ने बताया,डीएफएस ने लगभग 12-15 लोगों को बचाया पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) राजेंद्र प्रसाद मीना ने बताया कि आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल के फ्लैट्स में फैल गई थी। उन्होंने आगे बताया, आग बुझाने के अभियान में इमारत से 10-15 लोगों को बचाया गया। इनमें से दो को मामूली चोटें आई थीं और उन्हें इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
3. 5 घंटे से भी ज्यादा चला रेस्क्यू ऑपरेशन
अधिकारियों ने बताया कि इमारत की जटिल बनावट और अंदर फंसे लोगों की संख्या के कारण बचान अभियान में काफी परेशानी हुई और पूरा ऑपरेशन पांच घंटों से भी ज्यादा समय तक चला। डीसीपी मीना ने बताया कि इमारत के आगे और पीछे दोनों ओर फ्लैट बने हुए हैं। इसी के चलते अग्निशमन कर्मियों को अंदर पहुंचने में बहुत दिक्कत हुई।
4. इसलिए समय पर बाहर नहीं निकल पाए लोग
दावा किया जा रहा है कि इमारत की बनावट के चलते ही कई लोग समय पर बाहर नहीं निकल पाए। बेसमेंट और चार मंजिला इस इमारत में केवल एक ही सीढ़ी है और कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं है। हर मंजिल पर बने दो फ्लैट इस तरह से डिजाइन किए गए हैं कि एक फ्लैट इमारत के सामने और दूसरा पीछे की ओर स्थित है।
5. छत का दरवाजा भी बंद
बताया जा रहा है क दो इमारतों के बीच छोड़े जाने वाली आवश्यक जगह को भी लोहे की ग्रिल की जाली से बंद कर दिया गया। फायर के जाने के लिए भी जगह नहीं छोड़ी। जैसे-जैसे आग इमारत के पिछले हिस्से में फैलती गई, ग्रिलों के कारण पीछे से कूदना असंभव हो गया। पीछे के फ्लैटों के सामने के दरवाज़े तक पहुंचना मुश्किल हो गया क्योंकि आग वहां तक पहुंच चुकी थी। हालांकि कुछ लोगों ने हिम्मत करके उस हिस्से से होते हुए छत तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन छत का दरवाजा भी बंद था, जिससे उनकी वो उम्मीद भी टूट गई।
6. कई टीमें तैनात
पुलिस, स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) और सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंच गए। अग्निशमन कर्मियों के अलावा, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें भी तैनात की गईं।
7. पहले, दूसरे और तीसरे फ्लोर पर मिले शव
सुबह करीब 6.25 बजे आग पर काबू पाया गया और 8 बजे तक पूरी तरह बुझा दिया गया। इसके बाद दमकलकर्मियों ने इमारत के अंदर तलाशी अभियान शुरू किया। रक्षा सुरक्षा बल के प्रवक्ता ने बताया, हमने घरों की तलाशी ली और जले हुए शव बरामद किए। पहली मंजिल से एक शव, दूसरी मंजिल से पांच शव और सीढ़ियों से तीन शव मिले। डीसीपी मीना ने पुष्टि की कि नौ शव बरामद किए गए हैं और मौके पर आगे की जांच और कार्यवाही जारी है।
8. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
8. उधर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा, विवेक विहार की एक इमारत में लगी आग की घटना अत्यंत दुखद है। इस हादसे में 9 लोगों की मृत्यु से मन व्यथित है। हादसे में घायल हुए लोगों का नजदीकी अस्पताल में उपचार चल रहा है, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें यह कठिन समय सहने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने आगे कहा, स्थानीय प्रशासन, डीडीएमए, दिल्ली फ़ायर सर्विस और दिल्ली पुलिस के सभी आला अधिकारी राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटे हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावितों को हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। हमारे स्थानीय विधायक और निगम पार्षद भी राहत कार्य में अपना सहयोग कर रहे हैं। दिल्ली सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ी है।
9. उपराज्यपाल के क्या निर्देश?
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ितों की तुरंत मदद के निर्देश दिए हैं। संधू ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, विवेक विहार फेज-I में हुए अग्निकांड से मैं बहुत दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस भयावह घटना में अपने प्रियजनों को खो दिया है। उन्होंने कहा, "मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवारों को शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना करता हूं। उपराज्यपाल ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि घायलों को सभी आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए, साथ ही प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और सहायता भी दी जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली अग्निशमन सेवा के कर्मी और आपातकालीन दल स्थिति को संभालने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
10. मृतकों की हुई पहचान
पुलिस ने मृतकों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पहली मंजिल पर मिली एक पीड़िता की पहचान 45 साल की शिखा जैन के रूप में हुई है। दूसरी मंजिल के पीछे के हिस्से में मिले लोगों में एक डेढ़ साल का बच्चा भी शामिल था। 60 साल के अरविंद , 58 साल की अनीता जैन , 35 साल के निशांत जैन और 33 साल की अंचल जैन भी दूसरी मंजिल पर मिले। तीसरी मंजिल पर एक ही परिवार के सदस्य मृतकों में शामिल थे, जिनमें 50 साल के नितिन जैन, 48 साल की उनकी पत्नी शैले जैन और 25 साल का उनका बेटा सम्यक जैन शामिल थे।




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