दिल्ली के 70 विधायकों में इस साल किसे मिला 'बेस्ट' होने का अवॉर्ड? ऐसे चुना गया
दिल्ली विधानसभा ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यापक बनाने के लिए '360 डिग्री मूल्यांकन प्रणाली' अपनाई। इसके तहत विधायक के प्रदर्शन को विभिन्न पैमानों पर परखा गया। चयन के लिए कुल 100 अंक निर्धारित किए गए थे।

दिल्ली विधानसभा ने गुरुवार (23 अप्रैल) को कृष्णा नगर से विधायक डॉ. अनिल गोयल को आठवीं विधानसभा के प्रतिष्ठित "वार्षिक सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार" के लिए चुनने की घोषणा की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सर्वश्रेष्ठ विधायकों को सम्मानित करने की पुरानी परंपरा को फिर से शुरू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा कि ‘इस पहल का उद्देश्य उन जनप्रतिनिधियों को पहचान दिलाना है जो विधायी कार्यों में उत्कृष्टता और समितियों में अथक परिश्रम के साथ ईमानदारी और समर्पण का परिचय देते हैं। अध्यक्ष गुप्ता के अनुसार, यह सम्मान न केवल विधायकों के लिए गौरव का प्रतीक बनेगा, बल्कि शासन में जवाबदेही और पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगा।’
'ईमानदारी के साथ जनता की सेवा करते रहें'
विधानसभा अध्यक्ष ने आगे कहा ‘जनसेवा के प्रति आपका अटूट समर्पण, सदन में आपका निरंतर शानदार प्रदर्शन और पारदर्शी व आधुनिक शासन के प्रति आपकी प्रतिबद्धता, सच्चे नेतृत्व की पहचान है। आप इसी जोश और ईमानदारी के साथ जनता की सेवा करते रहें, ऐसी हमारी मंगलकामना है।’
विधानसभा की ओर से क्या कहा गया?
दिल्ली विधानसभा के आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा गया कि 'कृष्णा नगर विधानसभा से माननीय विधायक डॉ. अनिल गोयल जी को आठवीं दिल्ली विधानसभा के 'वार्षिक सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार' से सम्मानित होने पर बहुत-बहुत बधाई। यह उनके शानदार विधायी कार्यों का एक उचित सम्मान है। उन्होंने सदन में प्रभावशाली बहस, अपनी बेहतरीन उपस्थिति, समितियों में सक्रिय भागीदारी और प्रश्नों व चर्चाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सदन की मर्यादा बनाए रखने और 'नेवा' (NeVA) के माध्यम से डिजिटल शासन को अपनाने के प्रति उनका समर्पण, उन्हें एक आधुनिक, अनुशासित और प्रभावी जन-प्रतिनिधि बनाता है।'
कैसे चुन गए अनिल गोयल?
इस बार दिल्ली विधानसभा ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यापक बनाने के लिए '360 डिग्री मूल्यांकन प्रणाली' अपनाई। इसके तहत विधायक के प्रदर्शन को विभिन्न पैमानों पर परखा गया। चयन के लिए कुल 100 अंक निर्धारित किए गए थे। विधायी रिकॉर्ड (65 अंक) इसमें आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर सदन में उपस्थिति, भागीदारी, बहस, प्रश्न पूछना, और विधायी प्रस्ताव/नोटिस देना शामिल था। चयन समिति का मूल्यांकन (35 अंक) यह अंक समिति द्वारा विधायक के गुणात्मक प्रदर्शन पर दिए गए। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि अंतिम फैसला ठोस आंकड़ों और विशेषज्ञों के विश्लेषण दोनों पर आधारित था।
बीते साल दर्ज की थी शानदार जीत
आपको बता दें कि अनिल गोयल ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार विकास बग्गा को फरवरी 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में 19 हजार 498 वोटों से हराया था। कांग्रेस की ओर से गुरुतरण सिंह राजू को उम्मीदवार बनाया गया था।
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