तरुण मर्डर: आरोपियों के खिलाफ आगे भी होगा बुलडोजर एक्शन? जानें क्या बोले दिल्ली के मंत्री
पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। पीड़ित परिवार के बयान दर्ज करने के बाद एससी-एसटी एक्ट के तहत आरोपियों के खिलाफ कड़े प्रावधान भी लगाए गए हैं।

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान दो परिवारों के बीच हुई झड़प में 26 वर्षीय तरुण की मौत हो गई। तरुण की मौत के बाद से ही इलाके में तनाव है। रविवार को इस मामले में प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया। आरोपी निजामुद्दीन के मकान के अवैध हिस्से को ढहा दिया गया यहां मुख्य आरोपियों में शामिल उमरदीन भी रहा करता था।
इस बीच दिल्ली सरकार में मंत्री और विकासपुरी से विधायक पंकज ने कहा है कि पुलिस और प्रशासन अपना काम कर रहे हैं और आरोपियों ने जितने भी अवैध कब्जा किया हुआ है उसपर आगे भी एक्शन लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने महज गुब्बारे के पानी के छींटे से किसी को मौत के घाट उतार देने की सोच को बर्दाश्त न करने वाला करार दिया।
गुब्बारे के पानी पर हुए बवाल पर भड़के मंत्री
मंत्री ने कहा कि 'एक गुब्बारे के छींटे लगने के वजह से उस बच्चे (तरुण) को रोड पर बेरहमी से मार दिया जाता है और उनके परिवार के लोगों को पीटा जाता है। बच्ची अपने ताऊ के साथ गुब्बारे से खेल रही थी उसके हल्के छींटे लगने का आरोपियों ने ये अंजाम दिया। दिल्ली सरकार ये बर्दाश्त नहीं करेगी। आपका सबकुछ अवैध है, आपका घर भी अवैध है और केमिकल का काम भी अवैध रूप से होता है। इस मामले में दिल्ली पुलिस तो अपना काम करेगी ही साथ ही शासन अपना काम कर रहा है। जितनी भी अनधिकृत संपत्ति है हम उसपर बुलडोजर एक्शन ले रहे हैं और भी जितना अवैध निर्माण दिखता जाएगा उसपर एक्शन लेते रहेंगे।'
आपको बता दें कि पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। पीड़ित परिवार के बयान दर्ज करने के बाद एससी-एसटी एक्ट के तहत आरोपियों के खिलाफ कड़े प्रावधान भी लगाए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?
तरुण के पिता के मुताबिक गलती से रंगीन पानी से भरा एक गुब्बारा पड़ोस की एक महिला को जा लगा था जिसे विवाद की शुरुआत हुई। उन्होंने दावा किया, ‘होली के दिन रात करीब 11 बजे का समय था और हम सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी वे हम पर हमला करने आए। दिन में एक छोटी बच्ची ने गलती से गुब्बारा गिरा दिया था, जो दूसरे समुदाय की महिला पर गिर गया। उन्होंने इसे बहुत बड़ा मुद्दा बना दिया। हमने उससे माफी भी मांगी थी। महिला ने बाद में अपने रिश्तेदारों को बुला लिया, जो कथित तौर पर डंडों से लैस थे। इसके बाद सभी ने मिलकर परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। उन्होंने पहले हम पर हमला किया और हम अपने घरों की ओर भागे। फिर उन्होंने हमारे दरवाजे बाहर से बंद कर दिए। वे करीब 10 से 12 लोग थे। हमले के दौरान मेरे भाई को चोटें आईं, उसके सिर में टांके आए हैं और उसके हाथ टूटे हुए हैं। मेरी आंखों में भी चोटें हैं और मेरी पत्नी को भी पीटा गया।’
पिता ने दावा किया कि तरुण होली खेलने बाहर गया था और घर लौटते समय उस पर हमला किया गया। मेरा बेटा अपने दोस्तों के साथ होली खेलने गया था। जब वह वापस आया, तो हमलावर उसका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने उस पर बेरहमी से हमला किया और उसे मार डाला।'
वहीं तरुण के चाचा ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान लोगों के एक बड़े समूह ने उन पर हमला किया था। करीब 25 से 30 लोगों ने हम पर हमला किया। हम केवल तीन लोग थे। गलती से उस महिला पर पानी की कुछ बूंदें गिर गईं और उसने (महिला) इसे बड़ा मुद्दा बना दिया था, उसका कहना था कि उसका रोजा खराब हो गया है।
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