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IRS अधिकारी की बेटी का रेप फिर हत्या, इस कांड से लें सबक! दिल्ली के पिछले 5 साल के आंकड़े

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 2020 की शुरुआत से लेकर नवंबर 2024 तक दिल्ली में घरेलू कामगारों द्वारा चोरी और डकैती के 649 मामले सामने आए जिनमें 564 गिरफ्तारियां हुईं। बीते साल ऐसे 100 मामले सामने आए थे जिनमें 80 गिरफ्तारियां हुईं।

Thu, 23 April 2026 02:27 PMMohit लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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IRS अधिकारी की बेटी का रेप फिर हत्या, इस कांड से लें सबक! दिल्ली के पिछले 5 साल के आंकड़े

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कैलाश हिल्स इलाके में आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की बलात्कार के बाद हत्या करने की सनसनीखेज वारदात के बाद एकबार फिर दिल्ली में घरेलू सहायकों को लेकर चिंता पैदा कर दी है। चिंता की बात इसलिए भी है क्योंकि बीते पांच साल में घरेलू सहायकों ने 750 से अधिक वारदात को अंजाम दिया है। ज्यादात्तर मामलों में जांच के बाद ये सामने आया कि काम पर रखने से पहले उनका सत्यापान नहीं किया जाता।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक खबर के मुताबिक, साल 2020 से 2025 के बीच दर्ज इन 750 मामलों में से 650 गिरफ्तारियां हुई हैं। सभी मामलों में देखा गया कि वारादात का तरीका एक जैसा था। वर्कर्स को बिना बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के रखा जाता और फिर वे मालिक का भरोसा जीतते और मौका पाने पर उन्हें धोखा देते।

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649 मामले सामने आए जिनमें 564 गिरफ्तारियां हुईं

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 2020 की शुरुआत से लेकर नवंबर 2024 तक दिल्ली में घरेलू कामगारों द्वारा चोरी और डकैती के 649 मामले सामने आए जिनमें 564 गिरफ्तारियां हुईं। बीते साल ऐसे 100 मामले सामने आए थे जिनमें 80 गिरफ्तारियां हुईं।

सालाना आंकड़ों को देखें तो, ऐसे मामले 2020 में 106 थे, जो अगले साल बढ़कर 154 और 2022 में 164 तक पहुंच गए। इसके बाद इनमें गिरावट आई और ये 2023 में 119 और 2024 में 106 रह गए।

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क्या गलती कर रहे लोग?

पुलिस का कहना है कि लोग बिना सत्यापान के ही कामगरों को रख लेते हैं और पुलिस को उनकी पहचान की जानकारी नहीं होती। जब वे वारदात को अंजाम देते हैं तो उन्हें पकड़ पाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पुलिस का कहना है कि कई मामले तो ऐसे भी सामने आते हैं जिनमें घरेलू सहायक सालों तक मालिक का भरोसा जीतते हैं और फिर एक दिन मौका पाकर वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस के मुताबिक आपराधिक मानसिकता वाले घरेलू सहायकों का रिकॉर्ड जब पुलिस के पास नहीं होता तो वे बेखौफ हो जाते हैं। वे मालिकों को अपनी गलत पहचान जैसे नाम और गांव का नाम आदि गलत बताते हैं। जब वे वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो जाते हैं तो पुलिस को उन तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।

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वेरिफिकेशन का तरीका

प्रत्येक थाने में सत्यापन के लिए फॉर्म उपलब्ध होते हैं। मालिकों को यह फॉर्म भरना होता है, उसमें घरेलू सहायक की फोटो, आधार कार्ड डिटेल, स्थायी पता और पिछले मालिक की जानकारी भरकर थाने में जमा करनी होती है। इसके अतिरिक्त, नागरिक दिल्ली पुलिस के आधिकारिक ऐप को डाउनलोड करके भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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