दिल्ली में पानी पर खतरा! 27% सैंपल दूषित, अब 436 ट्यूबवेल और 13 हजार प्वाइंट से सप्लाई
Delhi water crisis: गर्मी में पेयजल किल्लत से निपटने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने सेामवार को 'समर एक्शन प्लान' जारी किया। इसके तहत 436 नए ट्यूबवेल गर्मी से पहले शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा टैंकरों से पानी आपूर्ति के लिए जल बोर्ड ने पिछले वर्ष के मुकाबले 4300 स्थायी प्वाइंट बढ़ाए हैं।

Delhi water crisis: गर्मी में पेयजल किल्लत से निपटने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने सेामवार को 'समर एक्शन प्लान' जारी किया। इसके तहत 436 नए ट्यूबवेल गर्मी से पहले शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा टैंकरों से पानी आपूर्ति के लिए जल बोर्ड ने पिछले वर्ष के मुकाबले 4300 स्थायी प्वाइंट बढ़ाए हैं। ऐसे में जल बोर्ड ने भीषण गर्मी में टैंकरों व ट्यूबवेल के सहारे ही पेयजल किल्लत से निपटने की तैयारी की है। साथ ही दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने डीजेबी 1916 मोबाइल एप व चैटबॉट की सुविधा शुरू की। इसके माध्यम से लोग आसानी से पेयजल किल्लत और सीवर से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
IIIT के साथ मिलकर तैयार किया गया एप
जल बोर्ड के अनुसार भारतीय प्रौद्योगिकी सूचना संस्थान (आईआईआईटी) के साथ मिलकर इस एप को तैयार किया गया है, जो आईओएस व एंड्रॉयड दोनों तरह के मोबाइल पर इंस्टॉल किया जा सकेगा। इस एप में उपभोक्ता, जल बोर्ड के इंजीनियर व विधायकों के लिए अलग-अलग लॉगिन की सुविधा है। विधायक इसके जरिये निगरानी कर सकेंगे। इससे दर्ज शिकायतों को 12 घंट से तीन दिन के भीतर निपटारा करना होगा। इस अवधि में निपटारा नहीं होने पर शिकायत स्वत: जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी के पास स्थानांतरित हो जाएगी।
1916 पर दर्ज करा सकते हैं शिकायतें
शिकायत तब तक बंद नहीं होगी जब तक उपभोक्ता संतुष्ट नहीं होंगे। उपभोक्ता शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति भी जान सकेंगे। इसके अलावा जल बोर्ड की हेल्पलाइन 1916 पर फोन करके व वाट्सएप नंबर (9650291021) के जरिये चैटबॉट के शिकायतें दर्ज की जा सकेगी। इस चैटबॉट के जरिये हिंदी या अंग्रेजी में किसी भी भाषा में बोलकर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। जल बोर्ड का कहना है कि उसने आईआईटी कानपुर के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत आने वाले समय में शिकायत निवारण प्रणाली को आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस (एआई) से युक्त किया जाएगा।
टैंकर से पानी आपूर्ति के लिए बनाए गए 13 हजार प्वाइंट
जल बोर्ड ने पिछले वर्ष टैंकर से पानी आपूर्ति के लिए 8700 स्थायी प्वाइंट थे। इस बार इसकी संख्या बढ़ाकर 13 हजार कर दी गई है। जहां टैंकर से नियमित पानी आपूर्ति होगी। इसके अलावा सभी कॉलोनियों में पाइप लाइन से पानी आपूर्ति का समय जल बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। साथ ही वेबसाइट पर सभी वार्ड में पाइप लाइन के रखरखाव से संबंधित अधिकारियों के नंबर भी उपलब्ध होंगे। टैंकर चालकों के मोबाइल में ड्राइवर एप पर होगा। टैंकर से निर्धारित प्वाइंट पर पानी आपूर्ति करने के बाद उसका फोटो अपलोड करना होगा। साथ इसकी सहायता से टैंकर को ट्रैक भी किया जा सकेगा।
पानी का वितरण एक समान करने पर जोर: प्रवेश वर्मा
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली के पूरे हिस्से से पानी किल्लत की शिकायत नहीं मिलती। 40-50 जगहों से ही शिकायतें बार-बार आती हैं। इसलिए पानी का वितरण एक समान करने पर जोर देना होगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) आगामी योजनाओं के अनुसार 20 लाख फ्लैट बनेंगे। इससे पानी की मांग बढ़ेगी। इसलिए हमने इन कॉलोनियों में जीरो डिस्चार्ज व वर्षा जल संचयन का प्रावधान होगा। डीडीए के मास्टर प्लान को ध्यान में रखकर जल बोर्ड भी अगले 50 वर्ष की जरूरतों के अनुुसार मास्टर प्लान तैयार कर रहा है।हजारों की संख्या में वाटर एटीएम लगाए जाएंगे। ताकि आसानी से पीने के लिए साफ पानी मिल सके।
शिकायतों पर उठाए गए पानी के 27 प्रतिशत सैंपल पाए गए दूषित
जल बोर्ड के समर एक्शन प्लान के अनुसार पिछले वर्ष अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच लोगों की शिकायतों पर उठाए गए पानी के 7357 सैंपल में से करीब 27 प्रतिशत सैंपल दूषित पाए गए। हालांकि, जल बोर्ड द्वारा नियमित निगरानी व लोगों की शिकायतों के आधार पर लिए गए पानी के कुल सैंपल में से 4.9 प्रतिशत सैंपल दूषित पाए गए। जल बोर्ड का दावा है कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के स्वीकृत मानक के दायरे में है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार तीन-पांच प्रतिशत सैंपल फेल होना स्वीकृत है। इससे ज्यादा जोखिम नहीं होता।
मौजूदा समय में कार्यरत ट्यूबवेल- 5854
अतिरिक्त ट्यूबवेल जो होंगे शुरू- 436
उपलब्ध होंगे कुल ट्यूबवेल- 6290
पानी आपूर्ति के लिए उपलब्ध होंगे कुल टैंकर- 1221
ठेके के टैंकर- 1030
पिछले वर्ष अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच उपभोक्ताओं के घर पानी की मिली शिकायतें के आधार पर उठाए गए सैंपल और की गुणवत्ता की स्थिति
श्रेणी- उठाए गए सैंपल- संतोषजनक सैंपल- दूषित मिले सैंपल- दूषित सैंपल का प्रतिशत
शिकायतों के आधार पर- 7357- 5348- 2009- 27
नियमित आधार पर- 1,24,387- 1,19,819- 4568- 3.67
कुल सैंपल- 1,31,744- 1,25,167- 6577- 4.9




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