राशन के लिए खाते में आएगा पैसा, दिल्ली सरकार का नया कदम क्या; समझिए फायदे
दिल्ली सरकार राशन कार्ड वितरण व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाने जा रही है। जल्द ही राशन कार्ड धारकों के खाते में राशन की सब्सिडी की राशि अकाउंट में ट्रांसफर कर देगी। इस रकम से लाभार्थी राशन खरीद पाएंगे।

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने राशन कार्ड और अनाज वितरण को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं। एक तरफ जहां 13 साल बाद नए राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ आय की सीमा को 1.2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख कर दिया है। इन बड़े फैसलों के बाद अब सरकार राशन वितरण का तरीका भी बदलने जा रही है। अब सरकार राशन की कीमत के बराबर पैसा लाभार्थियों के अकाउंट में डाल देगी। खास बात यह है कि इस डिजिटल रकम का इस्तेमाल केवल राशन खरीदने के लिए ही किया जा सकेगा। नई व्यवस्था के कई फायदे होंगे।
आय सीमा में वृद्धि वाली खुशखबरी
राजधानी में अब उन लोगों का राशन कार्ड बन सकेगा, जिनकी सालाना आमदनी ढाई लाख रुपये से कम है। खाद्य सुरक्षा के दायरे का विस्तार करने के उद्देश्य से दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड के लिए अधिकतम सालाना आमदनी की सीमा को 1.2 लाख रुपये से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दिया है। इस फैसले से ऐसे लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो 1.2 लाख से अधिक पर 2.5 लाख से कम कमाते हैं, लेकिन मुफ्त राशन नहीं हासिल कर पाते थे। बीते दिनों मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की थी कि दिल्ली में राशन कार्ड के लिए वार्षिक आय सीमा को बढ़ाया जाएगा। उनकी इस घोषणा के बाद राशन कार्ड पात्रता की आय सीमा बढ़ाने को लेकर कैबिनेट में चर्चा हुई और इसे मंजूरी दे दी गई। इस फैसले की जानकारी देते हुए खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली में राशन वितरण में सीबीडीसी (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) व्यवस्था लागू करने की बात कही।
क्या है नई व्यवस्था
दरअसल, सीबीडीसी दिल्ली के लिए नई बात होगी, पर गुजरात, चंडीगढ़, दादर-नगर हवेली, दमन और दीव आदि में इसका पायलट प्रॉजेक्ट चल रहा है। इसके फायदे देखते हुए अब दिल्ली सरकार भी इसे अपनाने जा रही है। इस मॉडल के तहत सब्सिडी के बराबर की डिजिटल करेंसी लाभार्थी के सीबीडीसी वॉलेट में सरकार ट्रांसफर कर देगी। राशन कार्ड धारक इस रकम का इस्तेमाल करते हुए अपनी जरूरत के मुताबिक राशन खरीद पाएंगे। सरल भाषा में इसे इस तरह समझिए- आपके पास राशन कार्ड है और अब हर महीने सरकारी राशन की दुकान पर जाकर निर्धारित कोटे के हिसाब से राशन प्राप्त करते हैं। आपको दुकान पर किसी तरह का पेमेंट नहीं करना होता है। उदाहरण के तौर पर यदि आपको मिले राशन पर सरकार 500 रुपये खर्च करती है तो नई व्यवस्था में आपके खाते में 500 रुपये डाल दिए जाएंगे। अब किसी सरकारी राशन की दुकान पर जाकर आप राशन खरीदेंगे और क्यूआर कोड या एसएमएस के जरिए राशन की राशि का भुगतान करेंगे।
क्या होंगे फायदे?
अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी। सब्सिडी लीकेज को रोका जा सकेगा। राशन कार्ड धारक अपनी सुविधा के मुताबिक किसी भी सरकारी दुकान पर जाकर राशन खरीद सकेंगे। दूसरे फेज में कुछ प्राइवेट आउटलेट पर खरीदारी की सुविधा मिल सकती है। गुजरात में जब इस पायलट प्रॉजेक्ट की शुरुआत हुई थी तो केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि इस प्रणाली में बार-बार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। लेनदेन की दक्षता में सुधार होगा, रियल टाइम डिजिटल ट्रेल की वजह से पारदर्शिता, निगरानी और जवाबदेही बढ़ेगी। उचित मूल्य दुकान संचालकों को भी उनका कमीशन वास्तविक समय के आधार पर प्राप्त होगा।
चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा
प्रस्तावित सीबीडीसी आधारित मॉडल को चरणबद्ध तरीके से राशन दुकानों पर लागू किया जाएगा तथा भविष्य में इसे बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसमें निजी बैंक भी शामिल होंगे। सीबीडीसी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली स्वीकृत डिजिटल मुद्रा है, जिसे भारतीय करेंसी के समान कानूनी मान्यता प्राप्त है।




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