KYC के बहाने करते थे ठगी, दिल्ली पुलिस ने 4 नकली बैंक अधिकारियों को पकड़ा; कई राज्यों में नेटवर्क
दिल्ली पुलिस ने इंटरस्टेट साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह केवाईसी अपडेट कराने के बहाने नकली बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों को निशाना बना रहा था। यह गिरोह झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों से सक्रिय था।

दिल्ली पुलिस ने इंटरस्टेट साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह केवाईसी अपडेट कराने के बहाने नकली बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों को निशाना बना रहा था। यह गिरोह झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों से सक्रिय था।
दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के साइबर थाने ने एक इंटरस्टेट साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह केवाईसी अपडेट के बहाने बैंक ग्राहकों को निशाना बना रहा था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह संगठित गिरोह झारखंड विशेष रूप से जामताड़ा के आसपास के इलाकों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों से सक्रिय था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिव कुमार रविदास (22), संजय रविदास (33), दिनेश रविदास (29) और शुभम कुमार बरनवाल (25) के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बैंक अधिकारी बनकर पीड़ितों से संपर्क किया और केवाईसी अपडेट को लेकर माहौल बनाया। पीड़ितों को अपने मोबाइल फोन पर एपीके फाइलें इंस्टॉल करने के लिए राजी किया गया। इससे जालसाजों को बैंकिंग एप्लिकेशन और संवेदनशील वित्तीय डेटा तक रिमोट एक्सेस मिल गया। इसका उपयोग करके आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी ऋण लिए, फर्जी खातों में रकम भेजी और एटीएम, पीओएस मशीनों और अन्य बैंकिंग चैनलों के माध्यम से पैसे निकाले।
यह मामला सागरपुर निवासी की शिकायत के बाद सामने आया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में उन्हें अज्ञात व्यक्तियों के फोन और व्हाट्सएप संदेश मिले, जिन्होंने खुद को बैंक अधिकारियों के रूप में पेश किया। बाद में उन्हें अलर्ट मिला जिसमें बताया गया कि उनके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड पर धोखाधड़ी से 8.33 लाख रपए का ऋण सेंशन किया गया था। इसके बाद 8.30 लाख रपए के डेबिट लेनदेन हुए। इसके बाद मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
पुलिस की एक टीम ने तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों का पता झारखंड के धनबाद जिले में लगाया। वहां उनमें से तीन को पीड़ितों को निशाना बनाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। चौथे आरोपी को बाद में पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में पता चला कि शिव कुमार रविदास ने एपीके फाइलें और फर्जी बैंक खाते हासिल किए, जबकि संजय और दिनेश रविदास ने पीड़ितों के फोन कॉल और बैंकिंग लेनदेन संभाले। शुभम बरनवाल ने एटीएम से धोखाधड़ी की रकम निकालने में मदद की।
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, एटीएम से पैसे निकालते समय इस्तेमाल किए गए कपड़े, मैलवेयर एपीके फाइलें, व्हाट्सएप डेटा, बैंक विवरण वाली एक्सल शीट और अन्य आपत्तिजनक डिजिटल सबूत बरामद किए। मामले में आगे की जांच जारी है।




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