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जनकपुरी हादसे में दिल्ली जल बोर्ड की शुरुआती रिपोर्ट आई, गड्ढे में गिरकर बाइकर की मौत हुई थी

जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से हुई युवक की मौत के मामले में दिल्ली जल बोर्ड की प्राथमिक रिपोर्ट सामने आ गई है। इसमें घटनास्थल पर ठेकेदार की लापरवाही और अधिकारियों की चूक को लेकर कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है।

Sat, 7 Feb 2026 02:08 PMSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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जनकपुरी हादसे में दिल्ली जल बोर्ड की शुरुआती रिपोर्ट आई, गड्ढे में गिरकर बाइकर की मौत हुई थी

जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से हुई युवक की मौत के मामले में दिल्ली जल बोर्ड की प्राथमिक रिपोर्ट सामने आ गई है। इसमें घटनास्थल पर ठेकेदार की लापरवाही और अधिकारियों की चूक को लेकर कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसके लिए भी सलाह दी गई है।

दिल्ली जल बोर्ड की टीम ने शुक्रवार को मौके का निरीक्षण करने के बाद अपनी प्राथमिक रिपोर्ट दी है। इसमें बताया गया है कि यह सड़क दोनों तरफ से बैरिकेड लगाकर बंद की गई थी और यातायात को दूसरे मार्ग पर डायवर्ट किया गया था। यह भी पता चला कि मृतक बंद किए गए रास्ते में मौजूद छोटी जगह से भीतर प्रवेश कर गया। वह अपने घर जल्दी पहुंचने के लिए उलटी दिशा से जा रहा था। मौके पर की ठेकेदार द्वारा ठीक ढंग से बैरिकेडिंग नहीं की गई थी जिसके चलते युवक बाइक लेकर भीतर प्रवेश कर गया।

कमेटी ने कहा है कि किसी भी कार्य स्थल के चारों तरफ लोहे की बैरिकेडिंग लगाना अनिवार्य है ताकि वहां सुरक्षा के साथ काम हो सके। इस तरह के बैरिकेड को तभी हटाया जाना चाहिए जब काम पूरा हो जाए और सड़क लोगों के इस्तेमाल करने के लायक हो जाए। इसके अलावा हरे रंग के पर्दों का इस्तेमाल ऐसी जगह किया जाना चाहिए जहां गड्ढे ना हो।

जांच में पाया गया है कि इस जगह पर घटना के समय कोई गार्ड या कर्मचारी मौजूद नहीं था जो सुरक्षा में सबसे बड़ी चूक है। इसमें काम कर रही एजेंसी की बड़ी लापरवाही है। इस जगह की देखरेख करने के लिए इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट डिविजन की भी जिम्मेदारी थी। इसके चलते सीनियर इंजीनियर रमेश कुमार गुप्ता, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आजाद सिंह ग्रेवाल, असिस्टेंट इंजीनियर वंदना और जूनियर इंजीनियर आलोक कुमार (संविदा कर्मचारी) की जवाबदेही तय होनी चाहिए और विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।

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कमेटी द्वारा प्रस्ताव दिया गया है कि ठेकेदार को कारण बताओं नोटिस जारी किया जाना चाहिए और उनके जवाब के बाद इसे लेकर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मौके पर सुरक्षा के सभी उपाय सुनिश्चित करना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। चीफ इंजीनियर की जिम्मेदारी इन नियमों का पालन करने की है। कमेटी ने माना है कि यह घटना लापरवाही के चलते हुई है। इसलिए अन्य जगहों पर सुरक्षा जांच बेहतर करने की आवश्यकता है। लोगों की सुरक्षा कार्य स्थल के आसपास महत्वपूर्ण है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।

इस तरह की घटना भविष्य में ना हो इसके लिए सभी कार्य स्थलों पर बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए। ऐसे कार्य स्थलों से इंजीनियर प्रतिदिन सुरक्षा को लिए की किए गए बंदोबस्त की निगरानी करें। इसके अलावा समय-समय पर चीफ इंजीनियर द्वारा मौके पर जाकर औचक निरीक्षण किया जाए। इस तरह के कार्य स्थलों की समय-समय की फोटो भी मंगवा जाए ताकि सुरक्षा की जानकारी मिल सके। यह प्राथमिक जानकारी है जबकि पूरी जांच रिपोर्ट आने वाले समय में सरकार को सौंप जाएगी।

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