झुग्गीवासियों को पक्की छत के साथ मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं, दिल्ली सरकार कर रही तैयारी
सरकार पक्के मकान मुहैया करवाने के लिए पात्रता की समय सीमा में भी 10 साल की बढ़ोत्तरी करने पर विचार कर रही है, जिसे 1 जनवरी 2015 से बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 किया जा सतका है। आपको बता दें कि राजधानी में करीब 750 झुग्गी बस्तियां हैं।

दिल्ली में झुग्गी बस्ती वालों के लिए रेखा गुप्ता सरकार नई 'पुनर्वास और विस्थापन पॉलिसी' लेकर आने वाली है। नई पॉलिसी में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पार्किंग की जगह और ई-रिक्शा चार्जिंग पॉइंट जैसी आधुनिक सुविधाएं देने की योजना है।
नई 'पुनर्वास और विस्थापन पॉलिसी' के तहत झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को स्कूल, जन सुविधा केंद्र और महिलाओं के लिए विशेष साफ-सफाई वाले शौचालय देने की भी योजना है। यह पॉलिसी अंतिम चरण में है और इस महीने के अंत तक फाइनल भी हो जाएगी।
राजधानी में करीब 750 झुग्गी बस्तियां
सरकार पक्के मकान मुहैया करवाने के लिए पात्रता की समय सीमा में भी 10 साल की बढ़ोत्तरी करने पर विचार कर रही है, जिसे 1 जनवरी 2015 से बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 किया जा सतका है। आपको बता दें कि राजधानी में करीब 750 झुग्गी बस्तियां हैं।
सरकारी जमीन पर बसावट
इनमें से लगभग आधे केंद्र की सरकारी एजेंसियों जैसे रेलवे, भूमि एवं विकास कार्यालय (एल एंड डीओ) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के स्वामित्व वाली भूमि पर बसी हुई हैं। वहीं बाकी झुग्गी-झोपड़िया दिल्ली सरकार के स्वामित्व वाली भूमि पर स्थित हैं, जहां पुनर्वास का कार्य शहरी विकास विभाग के अंतर्गत दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के जिम्मे है और यह बोर्ड दिल्ली सरकार के अधीन है।
दिल्ली में अभी 2015 की नीति लागू
फिलहाल दिल्ली में पुनर्वास और विस्थापन के लिए 2015 की नीति लागू है। इस पॉलिसी के तहत झुग्गीवासियों को उसी जगह या फिर 5 किलोमीटर के दायरे के भीतर पक्का मकान देने का नियम है। एक 25 वर्ग मीटर के फ्लैट के लिए झुग्गीवासी को 1.12 लाख रुपये से 1.41 लाख रुपये तक देने होते हैं, साथ ही 5 साल के रखरखाव के लिए 30,000 हजार रुपये अलग से देने पड़ते हैं। आपको बता दें कि साल 2008 से अब तक दिल्ली सरकार द्वारका, सुल्तानपुरी, भलस्वा और टिकरी कलां जैसे इलाकों में 52,584 फ्लैट बना चुकी है।
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