दिल्ली में 2028 से 3 पहिया में केवल इलेक्ट्रिक का रजिस्ट्रेशन, नई EV नीति के 5 बड़े ऐलान
दिल्ली सरकार की ओर से जारी ईवी नीति के ड्राफ्ट के अनुसार, साल 2027 से थ्री व्हीलर में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन की ही अनुमति होगी। दिल्ली सरकार की नई ईवी नीति 2026 की 5 बड़ी बातें…

दिल्ली सरकार की नई ईवी नीति 2026 के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं। इसके अनुसार, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर पहले साल 30 हजार रुपये तक और ऑटो-रिक्शा पर 50 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी जो समय के साथ कम होती जाएगी। सरकार ने भविष्य के लिए कड़े नियम बनाए हैं। इनके तहत 2027 से केवल इलेक्ट्रिक तिपहिया और 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन होगा। साथ ही 2030 तक 30 फीसदी स्कूल बसों को इलेक्ट्रिक करना होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर प्रोत्साहन राशि आवेदक के सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
1- इस डेट से थ्री व्हीलर में केवल इलेक्ट्रिक
नई ईवी नीति 2026 के ड्राफ्ट में भविष्य के लिए स्पष्ट अनिवार्य प्रावधान भी किए गए हैं। दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से तीनपहिया (एल5) वाहनों में केवल इलेक्ट्रिक का ही पंजीकरण किया जाएगा।
2- इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर पर कितनी मदद?
नई ईवी नीति 2026 के मसौदे के अनुसार, इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा यानी थ्री व्हीलर के लिए पहले साल में 50 हजार रुपये की मदद प्रस्तावित है। दूसरे साल 40,000 रुपये और तीसरे साल 30,000 रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव है। यह लाभ नए रजिस्ट्रेशन के साथ दिल्ली परमिट वाले पुराने सीएनजी ऑटो के प्रतिस्थापन पर भी लागू होगा।
3- 2028 से टू-व्हीलर में केवल इलेक्ट्रिक का रजिस्ट्रेशन
दिल्ली सरकार की नई ईवी नीति 2026 के अनुसार, 1 अप्रैल 2028 से केवल दोपहिया वाहनों में केवल इलेक्ट्रिक ही रजिस्टर्ड होंगे।
4- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर कितनी मदद?
नई ईवी नीति के अनुसार, पात्र टू-व्हीलर खरीदारों को पहले साल में 10,000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 30,000 रुपये), दूसरे साल में 6,600 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 20,000 रुपये) और तीसरे साल में 3,300 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 10,000 रुपये) की सब्सिडी दी जाएगी। वाहन की एक्स-फैक्टरी कीमत 2.25 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
5- 30 फीसदी तक स्कूल बसें भी होंगी इलेक्ट्रिक
नई ईवी नीति 2026 के तहत स्कूल बसों के लिए चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक में बदलाव का प्रावधान किया गया है। इसके तहत अधिसूचना के दूसरे साल की समाप्ति तक न्यूनतम 10 प्रतिशत, तीसरे साल की समाप्ति तक 20 प्रतिशत और 31 मार्च 2030 तक 30 प्रतिशत बसों को इलेक्ट्रिक में बदलना होगा। यह स्वामित्व, लीज या किराए की स्कूल बसों पर लागू होगा।
6- इलेक्ट्रिक मालवाहकों पर कब कितनी मदद?
दिल्ली सरकार की नई ईवी नीति के तहत मालवाहक श्रेणी में इलेक्ट्रिक फोर व्हीलर ई-ट्रक (एन1) के लिए पहले साल एक लाख रुपये तक मदद का प्रावधान है। दूसरे साल में 75,000 रुपये और तीसरे साल 50,000 रुपये तक की मदद दी जा सकती है।
7- स्क्रैपिंग पर किन्हें कितनी मदद?
नई ईवी नीति के तहत पुराने पलूशन फैलाने वाले वाहनों को हटाने पर खास छूट मिलेगी। इस योजना में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पर 10,000 रुपये, तिपहिया पर 25,000 रुपये, निजी इलेक्ट्रिक कार पर 1,00,000 रुपये और माल ढोने वाले चार पहिया वाहनों पर 50,000 रुपये की मदद दी जाएगी। यह लाभ लेने के लिए जरूरी है कि आप मान्यता प्राप्त केंद्र से अपना पुराना वाहन स्क्रैप कराएं और वहां से सर्टिफिकेट मिलने के 6 महीने के भीतर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीद लें। यह सुविधा दिल्ली में रजिस्टर्ड उन वाहनों पर मिलेगी जो बीएस-4 या उससे पुराने हैं। ध्यान रखें कि इलेक्ट्रिक कार के लिए यह छूट केवल पहले 1,00,000 ग्राहकों को ही दी जाएगी। यही नहीं कार की कीमत 30 लाख रुपये (एक्स-फैक्ट्री) से कम होनी चाहिए।
शर्तें: किन्हें मिलेगी मदद?
मसौदे के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर आर्थिक मदद के हकदार कौन होंगे इसके लिए भी प्रावधान किया गया है। प्रोत्साहन की रकम प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) यानी सीधे खाते में जाएगी। इसके लिए आवेदक का दिल्ली का निवासी होना जरूरी है। यदि कंपनी को दिया जाना है तो इसको दिल्ली में रजिस्टर्ड होना जरूरी है। पात्र खरीदारों को सब्सिडी के लिए परिवहन विभाग, दिल्ली सरकार की सुझाई व्यवस्था के तहत आवेदन करना होगा।




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