दिल्ली-NCR के प्रमुख बाजार हुए महंगे; खान मार्केट से गुरुग्राम तक बढ़ा रेंट
दिल्ली-एनसीआर में दुकानों का किराया 2 से 14 फीसदी तक बढ़ा है। खान मार्केट भारत का सबसे महंगा बाजार बना हुआ है जबकि गुरुग्राम के गैलेरिया मार्केट में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई है। बाजार में दुकानों की बढ़ती मांग के कारण यह तेजी आई है।

रियल एस्टेट सलाहकार कुशमैन एंड वेकफील्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख बाजारों में दुकानों का किराया पिछले साल 2 से 14 प्रतिशत तक बढ़ा है। इसका मुख्य कारण दुकानों की सीमित उपलब्धता और बढ़ती मांग है। खान मार्केट अभी भी भारत का सबसे महंगा बाजार बना हुआ है जहां किराया 1,700-1,800 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गया है। वहीं गुरुग्राम के गैलेरिया मार्केट में सबसे अधिक 14 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2025 में दिल्ली-एनसीआर में कुल 22.5 लाख वर्ग फुट खुदरा जगह किराए पर ली गई जो 2019 के बाद का रिकॉर्ड स्तर है जो खुदरा बाजार में तेजी को दिखाता है।
खान मार्केट में दुकानों के किराये में 8 फीसदी की बढ़ोतरी
रियल एस्टेट सलाहकार कुशमैन एंड वेकफील्ड ने बताया कि बेहतर मांग और सीमित आपूर्ति के कारण दिल्ली के पॉश खान मार्केट में पिछले साल खुदरा दुकानों के किराये में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख बाजारों के मासिक किराये में 2 से 14 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। साल 2025 की अक्टूबर-दिसंबर के दौरान खान मार्केट का मासिक किराया 1,700 से 1,800 रुपये प्रति वर्ग फुट रहा जो सालाना आधार पर 8 प्रतिशत अधिक है।
सबसे महंगा बाजार खान मार्केट
खान मार्केट भारत का सबसे महंगा प्रमुख बाजार बना हुआ है। दिल्ली के कनॉट प्लेस (आंतरिक घेरा में मासिक किराया 4 प्रतिशत बढ़कर 1,150 से 1,250 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया है। गुरुग्राम के गैलेरिया मार्केट में सबसे अधिक 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यहां मासिक किराया 1,150 से 1,250 रुपये प्रति वर्ग फुट है। दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन में किराया 3 प्रतिशत बढ़कर 800 से 850 रुपये हो गया है। कमला नगर में 11 फीसदी की वृद्धि के साथ किराया 480 से 510 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह हो गया है।
करोल बाग में मासिक किराया बढ़कर 395-415 रुपये
ग्रेटर कैलाश-1 के एम-ब्लॉक में 5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ किराया 475 से 500 रुपये प्रति वर्ग फुट दर्ज किया गया है। दिल्ली के करोल बाग में मासिक किराया बढ़कर 395-415 रुपये हो गया, जबकि लाजपत नगर में यह तीन प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 290-310 रुपये प्रति वर्ग फुट रहा। राजौरी गार्डन में छह प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ किराया 255-265 रुपये और पंजाबी बाग में दो प्रतिशत की वृद्धि के साथ 260-275 रुपये प्रति वर्ग फुट देखा गया।
नोएडा और गुरुग्राम में भी बढ़ोतरी
नोएडा के सेक्टर-18 में मासिक किराये में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 200 से 220 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गया है। गुरुग्राम के सेक्टर-29 में पिछले साल की अक्टूबर-दिसंबर अवधि के दौरान मासिक किराया सालाना आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर 180 से 190 रुपये प्रति वर्ग फुट रहा। कुशमैन एंड वेकफील्ड के कार्यकारी प्रबंध निदेशक गौतम सराफ ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख बाजारों में 2025 के दौरान किराये में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सालाना आधार पर इसमें दो से 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो यह दर्शाता है कि मांग लगातार बढ़ रही है। आंकड़े बताते हैं कि 2025 में दिल्ली-एनसीआर में कुल 22.5 लाख वर्ग फुट खुदरा क्षेत्र किराये पर लिया गया जो 2019 के बाद का उच्चतम स्तर है।




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