BJP का अरविंद केजरीवाल पर 'रहमान डकैत' वाला तंज, AAP का पलटवार; दिल्ली विधानसभा में हंगामा
दिल्ली विधानसभा में बुधवार को खूब हंगामा देखने को मिला। मंत्री प्रवेश वर्मा के नेतृत्व में BJP के विधायकों ने आप पर जोरदार हमला बोला। प्रवेश वर्मा ने रसीदों का एक रोल खोलकर यह दिखाने की कोशिश की कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पुराने सरकारी आवास पर कथित तौर पर कितना खर्च किया गया था।

दिल्ली विधानसभा में बुधवार को खूब हंगामा देखने को मिला। मंत्री प्रवेश वर्मा के नेतृत्व में BJP के विधायकों ने आम आदमी पार्टी पर जोरदार हमला बोला। प्रवेश वर्मा ने रसीदों का एक विशाल रोल खोलकर यह दिखाने की कोशिश की कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पुराने सरकारी आवास पर कथित तौर पर कितना भारी खर्च किया गया था।
विधायकों ने कतारें बनाकर लिस्ट को सहारा दिया
प्रवेश वर्मा ने 'धुरंधर' फिल्म के एक किरदार से तुलना करते हुए कहा कि यह 'रहमान डकैत' जैसा पल था। लोगों के तकलीफ में होने के बावजूद जनता का पैसा लूटा गया। यह नाटकीय दृश्य पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के नवीनीकरण और निर्माण पर कैग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश किए जाने के दो दिन बाद सामने आया। प्रवेश वर्मा ने जब उस लंबी लिस्ट को पढ़ना शुरू किया तो विधायक खड़े हो गए और उस लंबी लिस्ट को एक-दूसरे के हाथों में थमाते हुए आगे बढ़ाया। उन्होंने दो कतारें बनाकर उस पूरी लिस्ट को सहारा दिया।
लोक लेखा समिति को भेजी जाएगी रिपोर्ट
बीजेपी ने इस संपत्ति को बार-बार शीश महल कहकर संबोधित किया है। बीजेपी पहले भी उस कथित बेहिसाब खर्च पर आप को घेर चुकी है, जो उसके अनुसार केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान किया गया था। बुधवार को कैग रिपोर्ट पर चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रवेश वर्मा ने रिपोर्ट के निष्कर्षों का हवाला देते हुए निर्माण कार्य में कथित वित्तीय अनियमितताओं पर सवाल उठाए। इसके बाद विधानसभा ने रिपोर्ट को आगे की जांच के लिए लोक लेखा समिति को भेजने की मंजूरी दे दी।
दिल्ली की जनता को गुमराह किया
बहस की शुरुआत करते हुए मंत्री वर्मा ने आरोप लगाया कि पहले यह वादा किया गया था कि सरकारी बंगलों और सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं उठाया जाएगा। लेकिनस सिर्फ 20 दिनों के अंदर ही दिल्ली की जनता को गुमराह किया गया। उन्होंने इस प्रोजेक्ट की तुलना कोविड महामारी से की। कहा कि जब दिल्ली ऑक्सीजन के लिए जूझ रही थी और परिवार अस्पताल में बेड ढूंढ रहे थे, तब सिर्फ एक फाइल पर सबसे जरूरी का निशान लगा था। वह फाइल एक महल के निर्माण के लिए थी।
2300 से ज्यादा आईसीयू बेड बनाए जा सकते थे
प्रवेश वर्मा ने कहा कि इस आवास की लागत काफी बढ़ गई, जो 7 करोड़ से बढ़कर 58 करोड़ रुपए हो गई। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब एक आईसीयू बेड की लागत लगभग 15000 रुपए थी, इस रकम से 2300 से ज्यादा आईसीयू बेड बनाए जा सकते थे। उन्होंने पर्यावरण से जुड़ी चिंताएं भी उठाईं। आरोप लगाया कि परिसर के अंदर बिना अनुमति के 28 पेड़ काट दिए गए। उन्होंने आगे दावा किया कि एक और तीन मंजिला इमारत (कैंप ऑफिस) बनाई जा रही है। इसे उन्होंने शीश महल पार्ट 2 कहा।
अंत में सिर्फ अपने घर ही बदले
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मुद्दे से जुड़ी जानकारी सदन के सामने रखी। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए इस मामले को गहन जांच की जरूरत वाला बताया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है। ये वही लोग हैं जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के घर में 10 एसी लगाए जाने पर सवाल उठाए थे।
सीएम गुप्ता ने यह आरोप भी लगाया कि आप के अन्य नेताओं के आवासों के नवीनीकरण के लिए भी सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किया गया। अपनी समापन टिप्पणी में सीएम गुप्ता ने कहा कि जिन लोगों ने दावा किया था कि वे राजनीति बदल देंगे, उन्होंने अंत में सिर्फ अपने घर ही बदले।
आप ने पीएम आवास का ब्योरा मांगा
इसके जवाब में आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि यह विडंबना ही है कि जिन लोगों ने 6.2 करोड़ में एक नाव खरीदी, वे 30 करोड़ के सीएम आवास पर सवाल उठा रहे हैं। आप के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम पीएम के नए आवास की कुल लागत, इस्तेमाल की गई सामग्री और लगाए गए सामानों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग करते हैं। हमें पता चला है कि उस पर हजोंरों करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।




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