दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन ट्रेनों का मेकओवर शुरू, DMRC कर रही 'मिड-लाइफ रिफर्बिशमेंट', ये 5 बड़े बदलाव
Delhi Metro News : डीएमआरसी ने दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन ट्रेनों के लिए मिड-लाइफ रिफर्बिशमेंट प्रोग्राम शुरू किया है। डीएमआरसी के एमडी डॉ. विकास कुमार ने तीसरे चरण की पहली रिफर्बिशड ट्रेन को यात्री सेवा में शामिल करने से पहले उसका निरीक्षण किया।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने अपनी ब्लू लाइन ट्रेनों के लिए एक बड़ा मिड-लाइफ रिफर्बिशमेंट प्रोग्राम शुरू किया है। इसका मकसद यात्री संरक्षा, आरामदेह यात्रा और समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना है। इस पहल के तहत सबसे पुरानी रोलिंग स्टॉक (RS-1) ट्रेनों को आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाओं से अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि उनकी विश्वसनीयता बनी रहे और वर्तमान मानकों को पूरा किया जा सके।
मिड-लाइफ रिफर्बिशमेंट कार्यक्रम के अंतर्गत डीएमआरसी की रेड और ब्लू लाइनों की कुल 70 ट्रेनों का चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जा रहा है। पहले चरण में 12 ट्रेनों को पहले ही अपग्रेड किया जा चुका है। दूसरे चरण में 18 ट्रेनों का अपग्रेडेशन पूरा हो चुका है और जल्द ही अन्य 9 ट्रेनों का कार्य शुरू होगा, जिसके बाद शेष 9 ट्रेनों पर कार्य किया जाएगा। तीसरे चरण में नवंबर, 2027 तक ब्लू लाइन की 22 ट्रेनों का अपग्रेडेशन किया जाएगा। वर्ष 2002-2007 के बीच शामिल की गईं ये ट्रेनें लगभग 19-24 वर्षों की सेवा पूरी कर चुकी हैं और अब इन्हें मॉडर्न रोलिंग स्टॉक स्टैंडर्ड के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है।
डीएमआरसी के एमडी डॉ. विकास कुमार ने रविवार को तीसरे चरण की पहली रिफर्बिशड ट्रेन को यात्री सेवा में शामिल करने से पहले उसका निरीक्षण किया। इसके साथ ही अब तक कुल 31 ट्रेनों का अपग्रेडेशन किया जा चुका है, जो आधुनिकीकरण के प्रति डीएमआरसी के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
क्या-क्या बदलाव किए गए
● इस अपग्रेडेशन कार्य में ट्रेनों के अंदरूनी हिस्सों और सिस्टम दोनों में बड़े सुधार किए गए हैं। आंतरिक साज-सज्जा और पिछले वर्षों के उपयोग के दौरान हुई किसी टूट-फूट की मरम्मत के लिए पैसेंजर सेक्शनों और चालक केबिन सहित भीतरी हिस्सों को फिर से पेंट किया गया है। विद्युत पैनलों को भी अपग्रेड किया गया है, जिससे उनके कार्यों और विश्वसनीयता में सुधार होगा।
● आधुनिकतम यात्री उद्घोषणा और यात्री सूचना प्रणाली (PA-PIS) स्थापित किए गए हैं, जिनमें सीसीटीवी सिस्टम, डिस्प्ले स्क्रीन के साथ एलसीडी आधारित डायनेमिक रूट मैप (डीआरएम) इंस्टाल किए गए हैं। ये सिस्टम रूट, करंट टाइम और स्टेशनों पर ट्रेनों के संभावित आगमन की रियल-टाइम जानकारी प्रदान करते हैं। साथ ही आपातकालीन स्थितियों में यात्रियों और ट्रेन ऑपरेटर के बीच संवाद की सुविधा भी देते हैं।
● इस कार्यक्रम का मुख्य ध्यान यात्री सुरक्षा पर दिया गया है। सभी कोचों में धुआं और तापमान सेंसर वाले नए फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं। पुराने रिले और मिनिएचर सर्किट ब्रेकर (MCBs) को भी उन्नत उपकरणों से बदला गया है, जिससे संरक्षा और परिचालन में और सुगमता होगी।
● यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी कोचों में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स लगाए गए हैं। नए जम्पर केबल और कनेक्टर्स भी लगाए गए हैं, जो यात्री उद्घोषणा और यात्री सूचना प्रणाली और फायर डिटेक्शन सिस्टम जैसे उन्नत सिस्टम को सपोर्ट करते हैं और भविष्य में होने वाले उन्नयन के लिए भी तैयार हैं।
● इस पहल के द्वारा डीएमआरसी अपनी पुरानी ट्रेनों को नई ट्रेनों के मानकों के अनुरूप अपग्रेड कर रही है और सुरक्षित, विश्वसनीय तथा यात्री-अनुकूल मेट्रो सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।




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