होटल में आग देख मासूम को सीने से लगाकर कूद गई मां, खौफनाक था दिल्ली का वह मंजर
होटल में आग की लपटों से घिरने के बाद लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। कई लोगों ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई। एक मां अपने मासूम बच्चे को सीने से लगाकर नीचे कूद गई। जमीन पर गद्दे बिछाए गए थे जिसकी वजह से लोग बच गए।

दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल की पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग से जान बचाने के लिए अलग-अलग मंजिल से कई लोगों ने सड़क पर स्थानीय लोगों द्वारा बिछाए गए गद्दे पर छलांग लगा दी। इनमें वह महिला भी शामिल थी, जिसकी गोद में एक बच्चा था। हादसे के बाद होटल में धुआं भरा तो निकलने और आग के तेजी से इमारत में फैलने के बीच घबराए हुए लोग खिड़कियों के शीशे तोड़ते, खुले स्थानों से बाहर झांकते और मदद के लिए गुहार लगाते नजर आए। सीढ़ियां और आंतरिक गलियारे धुएं से भर जाने के कारण, कई मेहमानों के पास इमारत से नीचे कूदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग से बचने के प्रयास में कम से कम छह लोगों ने इमारत की विभिन्न मंजिलों से छलांग लगा दी। इनमें एक महिला भी शामिल थी, जिसने अपनी गोद में एक छोटे बच्चे को ले रखा था। उनके मुताबिक, चौथी मंजिल पर फंसे एक विदेशी दंपति ने खिड़की का शीशा और एल्युमिनियम की ग्रिल तोड़ दी और पाइप के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की, लेकिन दोनों गिर गए। ऊपर से गुजर रहे तारों में फंसते हुए महिला सिर के बल जमीन पर गिरी।
बचाव कार्य में शामिल एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हर तरफ अफरातफरी मची हुई थी। लोग खिड़कियों में फंसे हुए थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे। कुछ लोगों ने शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। हमने कई लोगों को अलग-अलग मंजिलों से कूदते देखा।
संकट में पहली मदद
भयावह दृश्य देखकर इलाके के निवासियों और दुकानदारों ने आपातकालीन सेवाओं के मौके पर पहुंचने से पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी। गद्दे की दुकानों के मालिकों और अन्य स्थानीय लोगों ने तुरंत गद्दे और कंबल इमारत के नीचे संकरी सड़क पर लाकर बिछा दिए, ताकि बचने की कोशिश कर रहे लोगों को नीचे गिरने पर कोई चोट न आए। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जिस वक्त महिला ने छलांग लगाई, उस वक्त उसने बच्चे को कसकर पकड़ रखा था। उससे कुछ देर पहले और बाद में भी कुछ लोग कूदे। जब भी कोई नीचे कूदने की कोशिश करता दिखता तो लोग गद्दों को इधर-उधर कर देते, ताकि उसे चोट न आए।
कई स्थानीय निवासियों ने मानव शृंखला बनाई, अंदर फंसे लोगों को उन्हें खिड़कियों की ओर जाने को कहा, जहां से उन्हें बचाया जा सके या वे सुरक्षित रूप से बाहर कूद सकें। कई लोग वीडियो बना रहे लोगों से रिकॉर्डिंग नहीं करने और बचाव कार्य में मदद करने के लिए कहते हुए भी सुने गए। स्थानीय लोग पीड़ितों को उठाकर पास के अस्पतालों में ले जाते देखे।
फेफड़े में धुआं भरने से ज्यादातर की जान गई
हौजरानी के होटल में लगी आग में फंसे कई लोग 85 फीसदी तक जल चुके थे। गंभीर रूप से झुलसने और फेफड़ों में धुआं भर जाने के कारण उनकी अस्पताल में पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। दिल्ली एम्स में तीन लोग ऐसे पहुंचे थे, जिन्होंने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था। एम्स प्रशासन के मुताबिक, देर रात इन तीनों की शिनाख्त हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने शिनाख्त के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं घायलों का इलाज जारी है।
मेडिकल वीजा पर आए बांग्लादेशी घायल
भाई के लिवर का इलाज कराने बांग्लादेश से दिल्ली आए एक महिला समेत दो बांग्लादेशी नागरिक भी होटल अग्निकांड में गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि आग लगने पर जान बचाने के लिए वे होटल से कूद गए थे, इसकी वजह से आग से झुलसने के साथ-साथ उनके पैर में भी चोटें आई हैं।
हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय
मालवीय नगर में हुए हादसे में जिन 21 लोगों की मौत हुई है उनमें नौ भारतीय शामिल हैं। इनमें श्रुतिका बरनवाल, तार्जनी अग्रवाल, वर्या अग्रवाल, झवेरी अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, कमला अग्रवाल, प्रेम लता अग्रवाल और जीविशा अग्रवाल शामिल हैं।




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