दिल्ली में शातिर नौकरानी ने कई बैंकों में खुलवा रखे थे 15 गोल्ड लोन अकाउंट, ऐसे खपाया करोड़ों का सोना
दिल्ली पुलिस ने घरों में चोरी करने वाली एक नौकरानी का पर्दाफाश किया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि उसने चुराए गए गहनों को खपाने के लिए अलग-अलग बैंकों में 15 गोल्ड लोन अकाउंट खुलवा रखे थे।

दिल्ली की शालीमार बाग थाना पुलिस ने घरों में चोरी करने वाली एक शातिर नौकरानी का पर्दाफाश किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सोनिया ने चोरी के गहनों को छुपाने के लिए अपनी मां, बहन और बेटी के नाम पर विभिन्न बैंकों में 15 गोल्ड लोन अकाउंट खुलवा रखे थे।
पुलिस ने अब संबंधित बैंक अधिकारियों को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है। जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोनिया ने 15 लोन खातों में से कुछ अपने नाम पर खुलवाए थे। इसके अलावा अपनी मां मल्लिका, बहन मंजू और बेटी सुनीता के नाम पर खाते खुलवाए हुए थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बैंक से पूछताछ में मालूम हुआ है कि लोन अकाउंट खुलवाने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और निवास प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। सभी 15 अकाउंट में कागज लगाए गए हैं।
दोपहर में गार्ड और घरेलू नौकरानियों से मांगती थी काम
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 45 वर्षीय सोनिया दोपहर में बड़ी कोठियों वाले इलाके में घूम कर काम मांगती थी। दरअसल, दोपहर में इन इलाकों की घरेलू नौकरानियां पार्क में आराम कर रही होती हैं। वह इन नौकरानियों और गार्ड से काम दिलाने की गुहार लगाती थी। फिर कोठियों में दो तीन दिन तक काम करती और मौका देखकर गहने आदि लेकर फरार हो जाती। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसकी मां, बेटी और बहन की भूमिका की जांच की जा रही है। इसके गिरोह में अन्य किसी के होने के सुराग नहीं मिले हैं। सोनिया के पति की वर्ष 2021 में मौत हो गई थी। वह एक युवती की मां है। वहीं छोटी बहन मंजू शादीशुदा है, लेकिन परिवार से अलग रहती है।
कागज मांगने पर बहाना बनाया
सोनिया पर शालीमार बाग और बीते साल मौर्या एंक्लेव इलाके में घर से चोरी करने की एफआईआर है। दोनों ही मामलों में कोठी मालिक ने आरोपी महिला का सत्यापन नहीं कराया था। मौर्या एंक्लेव निवासी राजकुमार मनचंदा ने पुलिस को बताया था कि महिला से उन्होंने पहचान पत्र मांगे थे, लेकिन वो दो-तीन दिन तक बहाना बनाकर टालती रही। फिर 28 सितंबर को एक लाख रुपये कैश और करीब 85 ग्राम के सोने-हीरे के आभूषण लेकर फरार हो गई। ऐसा ही कुछ शालीमार बाग निवासी विजयपाल गुप्ता के साथ हुआ था। कागज देने में आनाकानी करने की वजह से दो तीन दिन तक सत्यापन नहीं हो पाया। फिर मौका देखकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये के गहने और नकदी लेकर फरार हो गई। विजयपाल ने 19 अप्रैल को शालीमार बाग थाने में शिकायत दी थी जिस पर एफआईआर दर्ज की गई।
ऑटो चालक से मिले सुराग
जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी ने बताया कि एसआई जोगिंदर जून को फुटेज में सोनिया की फोटो मिल गई। वह कोठी से निकलकर कुछ दूर जाने के बाद ऑटो में बैठ गई। पुलिस ने ऑटो का नंबर ढूंढकर चालक से सम्पर्क किया। चालक ने सवारी को छोड़ने वाली जगह की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने घर पर छापा मारा।
बैंक ने कभी पूछताछ नहीं की
वहीं अभी तक की जांच में सामने आया है कि सोनिया ने जिन बैंक से गोल्ड लोन लिया था, उन्होंने कभी भी इसके स्रोत की जानकारी नहीं मांगी। वह काफी समय इन लोन अकाउंट का इस्तेमाल चोरी के सोने को खपाने के लिए कर रही थी। जांच में सामने आया है कि इन्होंने सादे कागज पर लिख दिया था कि ये गहने पुश्तैनी हैं जिनकी रसीद नहीं है। पुलिस ने इस बाबत बैंक को नोटिस देकर जवाब मांगा है। इस बाबत आरबीआई के दिशानिर्देशों की भी जानकारी मांगी है।




साइन इन