चेक बाउंस मामले में मुश्किल में एक्टर राजपाल यादव, हाई कोर्ट ने फटकार लगा सरेंडर करने का आदेश दिया
पीठ ने यह भी कहा कि जब याचिकाकर्ता स्वयं अपनी देनदारी स्वीकार कर चुका है तो बार-बार दी जा रही रियायत को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। अदालत ने कहा कि जून, 2024 से अब तक राजपाल यादव लगातार भुगतान के लिए समय मांगते रहे लेकिन हर बार अपने वादे से मुकरते रहे।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने चेक बाउंस से जुड़े मामलों में बार-बार अदालत को दिए गए आश्वासनों का पालन न करने पर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उच्च न्यायालय ने राजपाल यादव को 4 फरवरी तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने अभिनेता के आचरण पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके व्यवहार को निंदनीय बताया। पीठ ने कहा कि बार-बार मौका दिए जाने व काफी उदारता दिखाए जाने के बावजूद राजपाल यादव शिकायतकर्ता कंपनी मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को भुगतान करने में असफल रहे हैं।
राजपाल और उनकी पत्नी को हुई थी 6-6 महीने की सजा
यह मामला राजपाल यादव व उनकी पत्नी द्वारा दायर उन याचिकाओं से जुड़ा है, जिनमें उन्होंने चेक बाउंस के अपराध के तहत हुई सजा को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने दोनों को छह-छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। 28 जून 2024 को उच्च न्यायालय की एक अन्य पीठ ने यह कहते हुए सजा पर रोक लगा दी थी कि यादव दंपति कोई आदतन अपराधी नहीं हैं। वे शिकायतकर्ता कंपनी के साथ आपसी समझौते की संभावना तलाशना चाहते हैं। इसके बाद मामला मध्यस्थता के लिए भेजा गया था।
कोर्ट बोला- जून 2024 से अपने वादे लगातार मुकर रहे अभिनेता
पीठ ने अपने आदेश में घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि जून, 2024 से अब तक राजपाल यादव लगातार भुगतान के लिए समय मांगते रहे लेकिन हर बार अपने वादे से मुकरते रहे। उन्होंने अदालत को आश्वासन दिया था कि कुल 2.5 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा, जिसमें 40 लाख रुपए व 2.10 करोड़ रुपए अलग-अलग किश्तों में शामिल थे, लेकिन तय समयसीमा के भीतर राशि जमा नहीं की गई। पीठ ने यह भी कहा कि जब याचिकाकर्ता स्वयं अपनी देनदारी स्वीकार कर चुका है तो बार-बार दी जा रही रियायत को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।
अदालत ने दिया 4 फरवरी शाम 4 बजे तक का समय
इसके साथ ही पीठ ने निर्देश दिया कि पहले से जमा की गई राशि शिकायतकर्ता कंपनी को जारी की जाए। हालांकि न्याय के हित में पीठ ने राजपाल यादव को 4 फरवरी 2026 को शाम 4 बजे तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने की अनुमति दी ताकि वे निचली अदालत द्वारा दी गई सजा भुगत सकें। चार फरवरी तक का समय अभिनेता के वकील के अनुरोध पर दिया गया, जिन्होंने बताया कि राजपाल यादव फिलहाल मुंबई में पेशेवर काम में व्यस्त हैं। मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी, 2026 को निर्धारित की गई, जिसमें जेल अधीक्षक से अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है।




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