जिस जस्टिस पर केजरीवाल को संदेह, उनकी अदालत ने दिखाया AAP नेता पर रहम
गैंगस्टर से कनेक्शन के आरोप में जेल में बंद आम आदमी पार्टी (आप) नेता नरेश बाल्यान की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने जांच में देरी पर नाराजगी जाहिर की।

गैंगस्टर से कनेक्शन के आरोप में जेल में बंद आम आदमी पार्टी (आप) नेता नरेश बाल्यान की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने जांच में देरी पर नाराजगी जाहिर की और पुलिस को फटकार भी लगाई। अदालत ने पूछा कि यदि जांच ही चलती रही तो आरोपों पर सुनवाई कब होगी? अदालत ने कहा जब कोई जेल में बंद हो तो इस तरह दो साल तक बैठे नहीं रहे सकते हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने 'आप' नेता पर रहम दिखाते हुए पुलिस को जल्दी चार्जशीट दायर करने को कहा। गौरतलब है कि 'आप' मुखिया अरविंद केजरीवाल ने शराब घोटाले से जुड़े केस में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की निष्पक्षता पर संदेह जाहिर करते हुए जज बदलने की मांग की है।
बाल्यान को महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम (MCOCA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने बाल्यान के खिलाफ जांच पूरी करने में असफलता के लिए पुलिस से नाराजगी जाहिर की। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि जांच में तेजी लानी चाहिए क्योंकि वह 2024 से ही जेल में बंद होगा। अदालत ने कहा, 'यदि आप इस केस की जांच ही करते रहेंगे तो आरोपों की सुनवाई कब होगी। जाहिर तौर पर जमानत पर अदालत कहेगी कि पहले आरोप तय होने दीजिए।'सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि दो गवाहों ने बाल्यान के खिलाफ अपने बयान बदल लिए हैं।
बाल्यान को 4 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था। तब विधायक रहे 'आप' नेता पर गैंगस्टर कपिल सांगवान के गैंग से जुड़े होने का आरोप लगाया गया था। 15 जनवरी 2025 को जज कावेरी बावेजा ने बाल्यान की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि 'आप' नेता और सांगवान के सिंडिकेट में लिंक दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
बाल्यान ने कहा- दूसरी आवाज का सैंपल नहीं
शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान बाल्यान की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका एम जॉन ने कहा यह साफ नहीं है कि उनके खिलाफ दाखिल ऑडियो में गैंगस्टर की आवाज है। उन्होंने कहा, 'उन्होंने मेरी आवाज का सैंपल लिया है, लेकिन किसी और का नहीं। हम नहीं जानते कि क्या वह गैंगस्टर का है। वे दावा कर रहे हैं कि वह गैंगस्टर की आवाज है। दूसरा व्यक्ति कौन है?' अदालत ने पूछा कि क्या आरोप तय किए जा चुके हैं, जिसके जवाब में बताया गया कि जांच अब भी जारी है।
अदालत ने देरी पर और क्या कहा?
अदालत ने देरी पर सवाल उठाया और कहा, 'उन्होंने ऐसा किया है या नहीं यह ट्रायल का विषय है। लेकिन आरोप के लिए भी आपको जल्दी करनी चाहिए। चूंकि 2024 से ही वह जेल में बंद हैं। अब 2026 है।' अदालत ने आगे कहा कि जब कोई आरोपी जेल में बंद है तो पुलिस इस तरह की गति से जांच नहीं कर सकती है। अदालत ने कहा, 'जब कोई जेल में है तो आप दो साल तक बैठे नहीं रह सकते हैं। किसका वॉइस सैंपल आपने लिया है। तब बाद में आप कहेंगे कि आपको वॉइस सैंपल लेना है। आप क्यों देर कर रहे हैं?'




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