AAP के पूर्व विधायक नरेश बालियान की उम्मीदें बढ़ीं, HC में जमानत याचिका स्वीकार; विशेष पीठ में सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बालियान की जमानत याचिका स्वीकार कर लिया। इसे सांसदों और विधायकों से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा। बालियान को मकोका के तहत एक मामले में गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बालियान की जमानत याचिका स्वीकार कर लिया। इसे सांसदों और विधायकों से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा। बालियान को मकोका के तहत एक मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसका संबंध भगोड़े गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के गिरोह से है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व विधायक नरेश बालियान की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए इसे सांसदों और विधायकों से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। इससे पहले कोर्ट ने बालियान की जमानत याचिका को मकोका प्रावधान के तहत अपील में ट्रांसफर कर दिया था।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका
नरेश बालियान की पिछली जमानत याचिका को 27 मई को राउज एवेन्यू कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट के जस्टिस रविंदर दुडेजा ने पूर्व विधायक नरेश बलियान की जमानत याचिका को 21 जनवरी को एमपी/एमएलए कोर्ट में सूचीबद्ध कर दिया है।
दरअसल, जस्टिस दुडेजा की कार्यसूची में बदलाव हो चुका है। वर्तमान में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा एमपी/एमएलए कोर्ट की कार्यसूची संभाल रही हैं। पीठ के समक्ष वकील ने मामले को स्वीकार करने की प्रार्थना की। इसके बाद कोर्ट ने इसे सूचीबद्ध कर दिया। कोर्ट में दिल्ली पुलिस की ओर से विशेष वकील अमित प्रसाद और विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) अखंड प्रताप सिंह उपस्थित हुए। नरेश बलियान की ओर से अधिवक्ता एम एस खान, रोहित दलाल, प्रशांत किशोर, कौसर खान और राहुल साहनी मौजूद थे।
कोई निरंतर आपराधिक गतिविधि नहीं
इससे पहले 7 अगस्त 2025 को बालियान के सीनियर वकील ने तर्क दिया था कि याचिकाकर्ता नरेश बाल्यान के खिलाफ मकोका लगाने के लिए कोई निरंतर आपराधिक गतिविधि नहीं है। यह भी तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता का कपिल सांगवान और उसके गिरोह से कोई संबंध नहीं है। बल्कि, उसे धमकी दी गई थी, जिसके बाद उसने कपिल सांगवान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
वकील ने यह भी बताया कि मकोका के तहत एफआईआर दर्ज होने से पहले के 10 सालों में कोई निरंतर आपराधिक गतिविधि नहीं हुई है। याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई चार्जशीट नहीं है, जिसका कोर्ट ने संज्ञान लिया हो। सीनियर वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता 4 दिसंबर 2024 से न्यायिक हिरासत में है।
128 गवाहों का हवाला
वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया कि नरेश बालियान के खिलाफ मकोका लगाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। मकोका कपिल सांगवान और उसके गिरोह के खिलाफ दर्ज 15 एफआईआर के आधार पर लगाया गया है। दिल्ली पुलिस ने एक आरोपपत्र और तीन पूरक आरोपपत्र दाखिल किए हैं। अभियोजन पक्ष ने 128 गवाहों का हवाला दिया है और कहा है कि जांच जारी है।
बालियान और अन्य लोगों पर फरार गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू द्वारा कथित तौर पर चलाए जा रहे एक संगठित अपराध गिरोह से जुड़े मामले में आरोपपत्र दायर किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने बालियान के खिलाफ मकोका की धारा 3 और 4 के तहत पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने ऋतिक उर्फ पीटर, रोहित उर्फ अन्ना, सचिन चिकारा, नरेश बाल्यान, साहिल उर्फ पुलिस, विजय उर्फ कालू, विकास गहलोत, वीनीता, ज्योति प्रकाश उर्फ बाबा और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।




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