'ग्रीन फंड' के जरिये हरी-भरी होगी दिल्ली, 17 विभाग मिलकर करेंगे काम; रोडमैप तैयार
दिल्ली सरकार के 17 विभाग मिलकर राष्ट्रीय राजधानी को हरा-भरा बनाएंगे। पिछले महीने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'ग्रीन बजट' पेश किया था। इसमें 22236 करोड़ रुपए दिल्ली को हरा-भरा बनाने के लिए रखे गए थे। इस फंड से दिल्ली को और भी साफ और हरा-भरा बनाने का एक रोडमैप तैयार हुआ है।

दिल्ली सरकार के 17 विभाग मिलकर राष्ट्रीय राजधानी को हरा-भरा बनाएंगे। पिछले महीने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'ग्रीन बजट' पेश किया था। इसमें 22236 करोड़ रुपए दिल्ली को हरा-भरा बनाने के लिए रखे गए थे। इस फंड से दिल्ली को और भी साफ और हरा-भरा बनाने का एक रोडमैप तैयार हुआ है।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि दिल्ली सरकार 17 मुख्य विभागों के खर्चों की मैपिंग करेगी। इन्हें अलग-अलग ग्रीन लक्ष्यों के लिए बजट में पैसे दिए गए हैं। इसका मकसद यह पक्का करना है कि सभी सेक्टर मिलकर काम करें, ताकि शहर को साफ और प्रदूषण-मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान के मुताबिक, पिछले महीने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'ग्रीन बजट' पेश किया था। इसमें कुल 1.03 लाख करोड़ रुपए के खर्च में से 22,236 करोड़ रुपए ग्रीन लक्ष्यों के लिए रखे गए थे। इससे दिल्ली को और भी साफ और हरा-भरा बनाने का एक साफ रोडमैप तैयार हुआ है।
ग्रीन पहल को आगे बढ़ाने के लिए खास फंड
सरकार के 17 विभागों को ग्रीन पहल को आगे बढ़ाने के लिए एक खास फंड दिया गया है, जिसमें यमुना की सफाई और ई-बसों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। इन लक्ष्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी को व्यवस्थित तरीके से बांटा गया है। 17 मुख्य विभागों को अलग-अलग चरणों में फंड दिया जाएगा, ताकि सभी क्षेत्रों में तालमेल के साथ काम हो सके।
दिल्ली जल बोर्ड को 6485 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सभी विभागों का खर्च ग्रीन लक्ष्यों के हिसाब से तय किया जाएगा, जिससे यह पक्का हो सके कि खर्च सीधे तौर पर पर्यावरण से जुड़े नतीजों के अनुरूप हो। इस फंड का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 6485 करोड़ रुपए दिल्ली जल बोर्ड को यमुना की सफाई और पानी साफ करने के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए दिया गया है। परिवहन विभाग को इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और साफ-सुथरी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 4758 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
पीडब्ल्यूडी को 3350 करोड़
लोक निर्माण विभाग को धूल प्रदूषण से निपटने और पूरे शहर में ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए 3350 करोड़ रुपए मिलेंगे। योजना विभाग को ग्रीन प्रोजेक्ट्स को डिजाइन करने और उन्हें सुव्यवस्थित करने के लिए 2350 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। बयान में कहा गया है कि शहरी विकास विभाग और डीयूएसआईबी को मिलकर पर्यावरण से जुड़े खास उपायों के लिए 2273 करोड़ रुपए मिलेंगे।
पर्यावरण विभाग को 558 करोड़
कई अन्य विभागों को भी इस विशेष 'ग्रीन फंड' के जरिए मदद दी जाएगी। इसमें बताया गया है कि पर्यावरण विभाग को प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रमों के लिए 558 करोड़ रुपए, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग को जल संरक्षण के लिए 305 करोड़ रुपए और विकास विभाग को ग्रामीण इलाकों में 'ग्रीन ग्रोथ' (हरित विकास) को बढ़ावा देने के लिए 258 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
'स्वच्छ दिल्ली, हरित दिल्ली' अब सिर्फ नारा नहीं
मुख्यमंत्री गुप्ता ने जोर देकर कहा कि 'स्वच्छ दिल्ली, हरित दिल्ली' अब सिर्फ एक नारा नहीं रह गया है, बल्कि यह जहरीली हवा और बढ़ते तापमान का मुकाबला करने के लिए एक ठोस नीतिगत कदम है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने 'ग्रीन बजटिंग' के जरिए पर्यावरण संरक्षण को अपनी वित्तीय रणनीति के केंद्र में रखा है।




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