दिल्ली सरकार को पुरानी शराब नीति से हुआ 890 करोड़ का नुकसान : पीएसी रिपोर्ट में दावा
अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान लाई गई दिल्ली आबकारी नीति के चलते सरकार को वर्ष 2021-22 में बड़ा वित्तीय नुकसान को हुआ। दिल्ली विधानसभा में सोमवार को पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) के अध्यक्ष अजय महावर ने रिपोर्ट पेश करते हुए यह दावा किया।
अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के दौरान लाई गई दिल्ली आबकारी नीति के चलते सरकार को वर्ष 2021-22 में बड़ा वित्तीय नुकसान को हुआ। दिल्ली विधानसभा में सोमवार को पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) के अध्यक्ष अजय महावर ने रिपोर्ट पेश करते हुए यह दावा किया।
उन्होंने दावा किया कि सरकार की इस पॉलिसी के चलते सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। सदन में रिपोर्ट पेश करते हुए पीएसी कमेटी के अध्यक्ष और भाजपा विधायक अजय महावर ने कहा कि यह रिपोर्ट सीएजी ऑडिट और एक्साइज विभाग द्वारा की गई कार्रवाई पर आधारित है। अदालती कार्रवाई को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
समय से पहले सरेंडर हुए 19 जोनल लाइसेंस
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में सामने आया है कि 19 जोनल लाइसेंस समय से पहले सरेंडर हो गए थे, लेकिन इन दुकानों के लिए दोबारा टेंडर ही नहीं हुए। इसकी वजह से करीब 890.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
उधर, दिल्ली विधानसभा में पीएसी की रिपोर्ट से स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे व सुविधाओं में खामियां सामने आई हैं। वर्ष 2016-17 से वर्ष 2021-22 की अवधि 31 के दौरान अस्पतालों में मौजूद चिकित्सा सेवाओं का ऑडिट कर रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट में अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी से लेकर दवाओं की उपलब्धता, सर्जरी में वेटिंग इत्यादि का खुलासा किया है।
कोरोना के समय 144 करोड़ रुपये फीस माफ की
पीएसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना के दौरान 144 करोड़ की लाइसेंस फीस माफी की गई जो अनियमितता है। एक्साइज और वित्त विभाग दोनों ने इस छूट का विरोध किया था। इसके बावजूद तत्कालीन उप मुख्यमंत्री की ओर से राहत देने का निर्देश दिया गया, जिसे बाद में कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। सीएजी रिपोर्ट के अनुसार अनियमितता के चलते दो हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व नुकसान हुआ है।




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