यदि नहीं मानी बात तो स्कूल का प्रबंधन अपने हाथ में ले सकती है दिल्ली सरकार, वॉर्निंग
दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट को आश्वासन दिया है कि सभी सरकारी स्कूली छात्रों को गर्मी की छुट्टियों से पहले पाठ्यपुस्तकें मिल जाएंगी। अब तक 10 लाख छात्रों को किताबें दी जा चुकी हैं।

दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि सभी सरकारी स्कूलों के छात्रों को गर्मियों की छुट्टियों से पहले इस साल की नई किताबें मिल जाएंगी। यह जानकारी एक गैर-सरकारी संगठन की याचिका की सुनवाई के दौरान दी गई। इसमें किताबें देने में देरी के लिए शिक्षा विभाग की आलोचना की गई थी। वकील ने बताया कि पहली से 8वीं कक्षा के लाखों छात्र किताबों के बिना परेशान हैं। वहीं दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने चेताया है कि सभी प्राइवेट स्कूल अपने नोटिस बोर्ड, वेबसाइट और स्टोर के बाहर स्पष्ट रूप से लिखें कि अभिभावक ड्रेस, किताबें और स्टेशनरी अपनी पसंद के किसी भी दुकान से खरीद सकते हैं। नियमों के उल्लंघन पर स्कूल का टेकओवर भी किया जा सकता है।
गर्मी की छुट्टियों से पहले मिल जाएंगी किताबें
दिल्ली सरकार ने गुरुवार को हाई कोर्ट को बताया कि शहर के सभी सरकारी स्कूलों के छात्रों को गर्मी की छुट्टियों से पहले वर्तमान शैक्षणिक सत्र की पाठ्यपुस्तकें मिल जाएंगी। दिल्ली सरकार ने जस्टिस सचिन दत्ता की अदालत के समक्ष यह जानकारी दी।
सचिव के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की गुजारिश
जस्टिस दत्ता गैर सरकारी संगठन 'सोशल ज्यूरिस्ट' द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें छात्रों को समय पर शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने के संबंध में 2024 के न्यायिक आदेश की 'जानबूझकर अवज्ञा' करने के लिए सचिव (शिक्षा) के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया गया था।
अधिकारी को नोटिस
अदालत ने अवमानना याचिका पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया और सरकार की ओर से दिए गए भरोसे को रिकॉर्ड पर दर्ज किया। एनजीओ की ओर से पेश वकील अशोक अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले लाखों छात्र एक अप्रैल से शुरू हुए मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए अधिकारियों द्वारा पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने में विफलता के कारण पीड़ित हैं, जिससे उनके शिक्षा के अधिकार पर असर पड़ रहा है।
10 लाख को मिलीं किताबें
दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि निविदाएं जारी की गईं। नतीजतन 10 लाख छात्रों को किताबें मिल चुकी हैं। यही नहीं लगभग 8 लाख छात्र बाकी हैं, जिन्हें अगले कुछ दिनों में उनकी किताबें मिल जाएंगी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सितंबर के लिए तय की।
निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कड़ा रुख
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि सरकार किसी भी समय स्कूलों का औचक निरीक्षण कर सकती है। सभी स्कूल अपनी वेबसाइट, नोटिस बोर्ड और स्टोर के बाहर यह जानकारी लिखें कि अभिभावक अपनी पसंद की किसी भी दुकान से किताबें, ड्रेस और स्टेशनरी खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं।
स्कूल का प्रबंधन अपने हाथ में ले सकती है सरकार
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यही नहीं जरूरत पड़ने पर सरकार स्कूल का प्रबंधन अपने हाथ में ले सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी स्कूल अभिभावकों को किसी खास विक्रेता से सामान खरीदने के लिए मजबूर न करे। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई जारी रहेगी।




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